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दिल्ली में अब घर बैठे मिलेंगी वाहन से जुड़ी 33 सेवाएं, जानिए कैसे ?

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में परिवहन विभाग की 33 सेवाएं आज से फेसलेस हो जाएंगी। अब वाहन संबंधी दस्तावेज के लिए परिवहन विभाग के दफ्तर जाने की आवेदकों को जरूरत नहीं होगी।

सेवाओं के फेसलेस होने से हर महीने लाखों आवेदकों को बड़ी राहत

ऑनलाइन आवेदन के जरिये डुप्लिकेट ड्राइविंग लाइसेंस, पता में बदलाव, नए कंडक्टर लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, डुप्लिकेट आरसी, एनओसी, परमिट ट्रांसफर, पैसेंजर सर्विस व्हीकल बैज सहित परिवहन संबंधी अन्य दस्तावेज भी हासिल किए जा सकेंगे। सेवाओं के फेसलेस होने से हर महीने लाखों आवेदकों को बड़ी राहत मिलेगी। 

फेसलेस सेवाओं का शुभारंभ करेंगे सीएम केजरीवाल

आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आईपी एस्टेट दफ्तर से फेसलेस सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। ड्राइविंग टेस्ट और फिटनेस टेस्ट को छोड़, परिवहन विभाग की अन्य सेवाएं(दस्तावेज)घर बैठे ही हासिल होंगे। परिवहन विभाग ने फेसलेस सेवाओं के लिए मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) जारी कर दिया है।

फेसलेस सिस्टम में क्या क्या सेवाएं मिलेंगी?

फेसलेस सिस्टम के तहत 30 से ज़्यादा फेसलेस सर्विस लांच की जाएंगी. फेसलेस सिस्टम की शुरुआत के बाद लाइसेंस रिन्यूअल, ट्रांसफर ऑफ ओनरशिप, लाइसेंस में एड्रेस चेंज, डुप्लीकेट लाइसेंस या आरसी जैसी सेवाएं अब घर बैठे मिल सकेंगी. डुप्लीकेट लाइसेंस और बाकी दूसरे डॉक्यूमेंट घर पर ही आ जाएंगे. डॉक्युमेंट्स अपलोड भी किए जा सकेंगे. 

इन कामों के लिए आरटीओ दफ़्तर जरूरी होगा

ऐसे लोग जो ऑनलाइन परीक्षा देने में असमर्थ हैं तो उनके लिए आरटीओ दफ़्तर में आकर परीक्षा देने का ऑप्शन भी खुला रहेगा. फेसलेस स्कीम की शुरुआत के बाद आवेदक को केवल परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ड्राइविंग टेस्ट देने ही आना होगा.

चार एमएलओ दफ्तर आज से हो जाएंगे बंद 

33 परिवहन सेवाओं के फेसलेस होते ही दिल्ली के चार एमएलओ दफ्तर बंद हो जाएंगे। इनमें सराय काले खां, आईपी एस्टेट, वसंत विहार और जनकपुरी के नाम शामिल हैं। इन दफ्तरों के वाहन और सारथी पोर्टल से संबंधित कार्य दक्षिणी क्षेत्र में राजा गार्डन और द्वारका में होंगे।

परिवहन विभाग ने सेवाओं के फेसलेस करने के बाद 33 सेवाओं के लिए चार दफ्तरों को बंद करने के आदेश दिए हैं। हालांकि दूसरे कार्यों के सिलसिले में दफ्तर सुविधा केंद्र के तौर पर काम करेगे। इससे उन आवेदकों को अधिक फायदा मिलेगा, जिनके पास कंप्यूटर की पहुंच नहीं है या ऑनलाइन आवेदन करने में सक्षम नहीं हैं।

लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन आधार कार्ड के आवेदकों के लिए 

ऑनलाइन आवेदन के लिए आवेदकों को अपना आधार नंबर  पर  नंबर देना होगा। इसके बाद आधार से लिंक मोबाइल पर ओटीपी मिलने के बाद इसे ई केवाईसी के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। हाइपोथिकेशन को छोड़ अन्य किसी अन्य दस्तावेज के लिए आवेदक को दस्तावेज अपलोड नहीं करना होगा।

ऐसे डाउनलोड किए जाएंगे दस्तावेज

तैयार होने पर  ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, परमिट स्पीड पोस्ट के जरिये भेजे जाएंगे। एसएमएस सेवा से भी लिंक के जरिये दस्तावेज डाउनलोड किए जा सकेंगे। आधार कार्ड के बगैर इस प्रक्रिया के तहत आवेदन के लिए आवेदकों को अपना ब्यौरा और हस्ताक्षर भी अपलोड करना होगा।

वाहन या परमिट ट्रांसफर सहित इस तरह की अन्य सेवाओं के लिए एमएलओ से हस्ताक्षर करवाना होगा।  दूसरे देशों के नागरिक जो फिलहाल दिल्ली में रह रहे हैं, उन्हें भी बगैर आधार कार्ड की तरह ही आवेदन प्रक्रिया को अपनाना होगा। 

ई लर्नर लाइसेंस 

आधार कार्ड धारकों के लिए ई लर्नर लाइसेंस के लिए ऑनलाइन टेस्ट में शामिल होने की सुविधा होगी। शैक्षणिक संस्थान, दफ्तर या घर कहीं भी बैठकर इस सुविधा का उपयोग संभव होगा। इतना ही नहीं टेस्ट का परिणाम भी आवेदकों को ऑनलाइन उपलब्ध होगा।

अगर आधार कार्ड न होने पर लर्नर लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर एप्वाइंटमेंट लेना होगा। सभी लर्नर लाइसेंस के लिए आवेदन  मॉल रोड स्थित परिवहन विभाग के साथ ऑनलाइन होंगे। 

ऑनलाइन मिलेगी बैंकों से एनओसी  हाइपोथिकेशन टर्मिनेशन

 परिवहन विभाग की ओर से विकसित सॉफ़्टवेयर बैंकों से जुड़े होंगे। इससे ऑनलाइन अनापत्ति प्रमाण पत्र(एनओसी)हासिल किए जा  सकेंगे।  आईसीआईसीआई बैंक ने इसके लिए पोर्टल वाहन के साथ समेकित किया है ताकि आवेदकों को बैंक से ईएमआई खत्म होने पर एनओसी मिल सके। 

हेल्प डेस्क भी होंगे

सेवाएं फेसलेस होने के बाद भी ऑनलाइन आवेदन न कर पाने वाले आवेदकों की सहूलियत के लिए हेल्प डेस्ट की सुविधा होगी। यहां उनके सहयोग के लिए कर्मी होंगे ताकि उन्हें लाइसेंस या दूसरे दस्तावेज हासिल करने में दिक्कत न आए। 

आवेदन की होगी जांच 

परिवहन विभाग को आवेदन मिलने के सात दिनों के अंदर दो चरणों में बढ़ाया जाएगा।पहले चरा में फेसलेस सेवाओं के आवेदन की जांच की जाएंगी। कमियां होने पर आवेदन को खारिज कर दिया जाएगा जबकि सही होने पर इसे मंजूर करने आगे भेजा जाएगा। पहले चरण में 10 फीसदी आवेदन की जोनल डीसी जांच करेंगे जबकि 30 सितंबर के बाद पांच फीसदी आवेदनों की जांच होंगी।

शिकायतों की सुनवाई भी होगी

परिवहन विभाग की तरफ सेवाओं को फेसलेस किए जाने के बाद अगर आवेदक को किसी तरह की शिकायत है तो दर्ज करवाए जा सकेंगे। इसके लिए वाट्सएप चैटबोट होंगे जहां ऑनलाइन शिकायतें दी जा सकेंगी।

सात दिनों के अंदर पर शिकायतों पर सुनवाई की जाएगी। जोनल दफ्तरों में रोजाना जोनल डीसी के समक्ष शिकायतों पर सुबह 10 से एक बजे तक सुनवाई होगी। 

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