Ravana Reveal : ‘रामायण’ में रावण का किरदार निभाने के लिए यश ने क्यों भरी हामी? नमित मल्होत्रा ने खोला राज

कन्नड़ सुपरस्टार यश इन दिनों अपनी आगामी फिल्मों को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। ‘केजीएफ’ फ्रेंचाइजी से देशभर में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल करने वाले यश अब एक बार फिर बड़े पर्दे पर कुछ अलग और भव्य करने की तैयारी में हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ के अलावा जिस प्रोजेक्ट ने दर्शकों की उत्सुकता को सबसे ज्यादा बढ़ाया है, वह है निर्देशक नितेश तिवारी की मेगा बजट फिल्म ‘रामायण’। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में यश लंकापति रावण की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म की घोषणा के बाद से ही फैंस और फिल्म प्रेमियों के बीच यह सवाल लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर एक बड़े स्टार होने के बावजूद यश ने नायक की बजाय रावण जैसे जटिल और चुनौतीपूर्ण किरदार को निभाने का फैसला क्यों किया।

अब इस सवाल का जवाब खुद फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने दिया है। उन्होंने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में यश के फिल्म से जुड़ने और रावण की भूमिका स्वीकार करने के पीछे की पूरी कहानी साझा की। नमित मल्होत्रा के मुताबिक, यश का इस प्रोजेक्ट से जुड़ना सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर नहीं, बल्कि एक रचनात्मक साझेदार और सह-निर्माता के रूप में भी बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

यश ने सिर्फ किरदार नहीं चुना, एक विजन को अपनाया

मनी कंट्रोल को दिए गए इंटरव्यू में नमित मल्होत्रा ने बताया कि कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जिनमें कलाकार केवल अभिनय करने के लिए नहीं आते, बल्कि वे उस कहानी और उसके उद्देश्य से गहराई से जुड़ जाते हैं। ‘रामायण’ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उन्होंने कहा कि यश ने केवल रावण का किरदार निभाने के लिए हामी नहीं भरी, बल्कि फिल्म के विशाल विजन को समझते हुए बतौर सह-निर्माता भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने का फैसला किया।

नमित मल्होत्रा ने कहा कि जब उन्होंने यश को अपने सपने और फिल्म की व्यापक सोच के बारे में बताया, तो अभिनेता ने तुरंत इसकी क्षमता को पहचाना। उनके अनुसार, यश ने महसूस किया कि ‘रामायण’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और पौराणिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर है। यही कारण था कि उन्होंने इस महत्वाकांक्षी परियोजना से गहराई से जुड़ने का निर्णय लिया।

‘यश ने मेरे सपने को आकार दिया’

इंटरव्यू के दौरान नमित मल्होत्रा ने यश की जमकर तारीफ की और कहा कि अभिनेता ने उनके बड़े विजन को वास्तविक रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, “यश की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ उनकी अभिनय क्षमता नहीं है। वह ऐसे व्यक्ति हैं जो किसी भी प्रोजेक्ट को केवल एक फिल्म के रूप में नहीं देखते, बल्कि उसकी संभावनाओं और प्रभाव को भी समझते हैं।”

नमित के अनुसार, जब उन्होंने यश के साथ फिल्म को लेकर चर्चा की, तब अभिनेता ने उनसे कहा कि यदि वे ‘रामायण’ जैसी भव्य कहानी को दुनिया के सामने लाने जा रहे हैं, तो उन्हें इसे मिलकर करना होगा और इसे सर्वश्रेष्ठ स्तर पर प्रस्तुत करना होगा। निर्माता ने कहा कि किसी बड़े स्टार का केवल अभिनय करना और बात है, लेकिन जब वही कलाकार निर्माता के रूप में भी परियोजना के साथ खड़ा हो जाए और उसे सफल बनाने के लिए पूरी ताकत लगा दे, तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यश का समर्थन फिल्म के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ, क्योंकि अभिनेता ने न केवल अपने अनुभव और रचनात्मक सुझाव साझा किए, बल्कि फिल्म की वैश्विक पहुंच और प्रस्तुति को लेकर भी सक्रिय भूमिका निभाई।

रावण का किरदार क्यों है खास?

भारतीय पौराणिक कथाओं में रावण एक ऐसा पात्र है, जिसे केवल खलनायक के रूप में नहीं देखा जाता। वह एक महान विद्वान, शिव भक्त, शक्तिशाली राजा और असाधारण बुद्धिमत्ता वाला व्यक्ति भी था। यही जटिलता इस किरदार को कलाकारों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और आकर्षक बनाती है।

फिल्मी जानकारों का मानना है कि यश जैसे अभिनेता के लिए रावण का किरदार एक बड़ा अवसर है, जहां वह अपनी अभिनय क्षमता के कई अलग-अलग आयाम दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं। ‘केजीएफ’ में रॉकी भाई जैसे दमदार किरदार निभाने के बाद यश अब एक ऐसे चरित्र को जीवंत करने जा रहे हैं, जिसमें शक्ति, अहंकार, ज्ञान, महत्वाकांक्षा और त्रासदी सभी तत्व मौजूद हैं।

यही वजह है कि ‘रामायण’ में उनके रावण अवतार को लेकर दर्शकों के बीच पहले से ही जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

दो नहीं, तीन भागों में बन सकती थी फिल्म

नमित मल्होत्रा ने बातचीत के दौरान फिल्म के स्केल और निर्माण प्रक्रिया को लेकर भी कई दिलचस्प बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि ‘रामायण’ जैसी विशाल और बहुस्तरीय कथा को सीमित समय में समेटना आसान नहीं था। उनके अनुसार, अगर कहानी की गहराई और विस्तार को पूरी तरह दिखाने की बात होती, तो यह फिल्म दो नहीं बल्कि तीन भागों में बनाई जा सकती थी।

हालांकि, निर्माताओं ने अंततः इसे दो भागों में प्रस्तुत करने का फैसला किया। नमित ने माना कि दो फिल्मों में इतनी बड़ी कहानी को समेटना भी अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि पूरी टीम का उद्देश्य सिर्फ एक फिल्म बनाना नहीं, बल्कि ऐसा सिनेमाई अनुभव तैयार करना है जो भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया मानक स्थापित कर सके।

उन्होंने विश्वास जताया कि दर्शकों को इस फिल्म में ऐसा विजुअल और भावनात्मक अनुभव देखने को मिलेगा, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा। निर्माता के अनुसार, यह प्रोजेक्ट केवल भारतीय दर्शकों के लिए नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी तैयार किया जा रहा है।

4000 करोड़ के बजट को लेकर चर्चा

‘रामायण’ लंबे समय से अपने कथित 4000 करोड़ रुपये के बजट को लेकर चर्चा में बनी हुई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर बजट को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और महंगे प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।

फिल्म में अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स, बड़े पैमाने पर सेट डिजाइन, अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और विशाल स्टारकास्ट देखने को मिलेगी। यही कारण है कि इसे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे महत्वाकांक्षी प्रयासों में गिना जा रहा है।

स्टारकास्ट भी है बेहद दमदार

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ में कई बड़े सितारे अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में दिखाई देंगी। वहीं यश रावण की भूमिका निभाते नजर आएंगे।

इसके अलावा सनी देओल, काजल अग्रवाल, रकुल प्रीत सिंह, कुणाल कपूर और अरुण गोविल जैसे कलाकार भी इस भव्य प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं। स्टारकास्ट की घोषणा के बाद से ही फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है।

कब रिलीज होगी ‘रामायण’?

फिल्म के रिलीज शेड्यूल की बात करें तो ‘रामायण’ को दो भागों में सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 के अवसर पर रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में दर्शकों के सामने आएगा। मेकर्स को उम्मीद है कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगी और वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाएगी।

फिलहाल, यश के रावण अवतार और फिल्म के भव्य विजन को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। नमित मल्होत्रा के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि यश ने यह किरदार केवल एक अभिनय चुनौती के रूप में नहीं चुना, बल्कि ‘रामायण’ के बड़े सपने और वैश्विक प्रस्तुति का हिस्सा बनने के लिए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से खुद को जोड़ा है।

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