
इस्लामाबाद/रावलकोट: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख नेताओं में शामिल सरदार अमन खान ने भारत से मानवीय सहायता की अपील की है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में पिछले कई सप्ताह से राशन और जरूरी दवाओं की भारी कमी है, जिससे आम लोगों का जीवन गंभीर संकट में पहुंच गया है। हालांकि, India TV इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।

26वें दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विरोध प्रदर्शन लगातार 26वें दिन भी जारी रहे। शुरुआत में महंगाई, बिजली दरों और प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब राजनीतिक स्वरूप ले चुका है। प्रदर्शनकारी पाकिस्तान सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए प्रशासन पर क्षेत्र की अनदेखी और दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगा रहे हैं।
‘हमें भारत की मदद चाहिए’
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल वीडियो में सरदार अमन खान लोगों को संबोधित करते हुए कहते दिखाई दे रहे हैं कि PoK के कई इलाकों में भोजन, राशन और आवश्यक वस्तुओं की गंभीर कमी है। उन्होंने भारत से मानवीय आधार पर सहायता की अपील करते हुए कहा कि क्षेत्र के लोग कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
अमन खान ने कथित तौर पर कहा, “हमें भारत की मदद चाहिए। यहां राशन की कमी है। लोगों के पास खाने-पीने की चीजें नहीं हैं और हमें आपकी मदद की जरूरत है।”
हालांकि, इस दावे और वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
नियंत्रण रेखा (LoC) खोलने की उठाई मांग
रावलकोट के ईदगाह मैदान में आयोजित एक बड़ी जनसभा में अमन खान ने नियंत्रण रेखा (LoC) को मानवीय आधार पर खोलने की मांग भी की। उनका कहना था कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो प्रभावित नागरिकों को भारत की ओर जाने का विकल्प मिलना चाहिए।
सभा के दौरान उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या उन्हें LoC की ओर मार्च करना चाहिए। इस पर भीड़ ने कथित तौर पर “उसकी ओर बढ़ो” के नारे लगाए।
पुंछ और डोडा सेक्टर खोलने की भी अपील
अमन खान ने पुंछ और डोडा सेक्टर के रास्ते LoC खोलने की मांग करते हुए कहा कि पाकिस्तान सरकार की नीतियों के कारण आम नागरिकों का जीवन लगातार कठिन होता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की मांगों का जवाब बल प्रयोग से दिया गया तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है।
जम्मू-कश्मीर के लोगों से भी किया समर्थन का आह्वान
एक अन्य वीडियो संदेश में सरदार अमन खान ने अपनी अपील का दायरा बढ़ाते हुए श्रीनगर, बारामूला, पुंछ, राजौरी, जम्मू, लद्दाख, कारगिल और गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरे जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के लोगों से समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात केवल PoK तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के हितों से जुड़े हुए हैं।
खाने और दवाओं की सप्लाई रोकने का आरोप
प्रदर्शन के 26वें दिन अमन खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान प्रशासन ने पिछले तीन सप्ताह से पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में खाद्यान्न और दवाओं की आपूर्ति बाधित कर दी है। उनके अनुसार, इस वजह से अस्पतालों में दवाओं की कमी और आम लोगों के सामने भोजन का संकट पैदा हो गया है।
हालांकि, पाकिस्तान सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।
आखिर क्यों हो रहे हैं PoK में विरोध प्रदर्शन?
PoK में जारी आंदोलन की शुरुआत आर्थिक समस्याओं, बढ़ती महंगाई, बिजली दरों और प्रशासनिक नीतियों के विरोध से हुई थी। लेकिन समय के साथ आंदोलन ने राजनीतिक रूप ले लिया। हाल के दिनों में आयोजित कई रैलियों में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और क्षेत्र में राजनीतिक अधिकारों तथा बेहतर शासन व्यवस्था की मांग उठाई।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि आंदोलन इसी तरह जारी रहा तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में राजनीतिक और मानवीय स्थिति और अधिक संवेदनशील हो सकती है। वहीं, वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, इसलिए इन दावों को आधिकारिक रूप से सत्यापित नहीं माना जा सकता।




