नई दिल्ली: साल 2026 में हॉरर सिनेमा की दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चा बटोरने वाली फिल्मों में शामिल ‘ऑब्सेशन’ (Obsession) आखिरकार भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। 29 मई 2026 को भारत में रिलीज हुई इस हॉरर-थ्रिलर फिल्म ने पहले ही दिन दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यूट्यूबर से फिल्ममेकर बने करी बार्कर द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारतीय दर्शकों के बीच पहुंची है। हालांकि, फिल्म की रिलीज के साथ ही सेंसर बोर्ड द्वारा किए गए कट्स को लेकर विवाद भी शुरू हो गया है, जिससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।

हॉलीवुड में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन
‘ऑब्सेशन’ ने अपनी रिलीज के बाद हॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जबरदस्त सफलता हासिल की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को लगभग 7 करोड़ रुपये के सीमित बजट में तैयार किया गया था, लेकिन रिलीज के केवल 10 दिनों के भीतर इसने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर 80 मिलियन डॉलर (करीब 750 करोड़ रुपये) से अधिक की कमाई कर ली। यह आंकड़ा फिल्म की लागत की तुलना में कई गुना अधिक है, जिसने इसे वर्ष 2026 की सबसे सफल हॉरर फिल्मों में शामिल कर दिया है।
15 मई 2026 को अमेरिका समेत कई देशों में रिलीज हुई इस फिल्म ने अपनी दमदार कहानी, रहस्यमयी माहौल और मनोवैज्ञानिक डर के तत्वों के कारण दर्शकों और समीक्षकों दोनों का ध्यान आकर्षित किया। कम बजट में बनी फिल्मों के लिए यह सफलता एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
भारत में रिलीज के साथ शुरू हुआ विवाद
भारतीय दर्शक लंबे समय से ‘ऑब्सेशन’ की रिलीज का इंतजार कर रहे थे। आखिरकार 29 मई को फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में पहुंची, लेकिन इसके साथ ही एक नया विवाद भी सामने आ गया। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को प्रमाणन देने से पहले कुछ दृश्यों में कटौती की।
जानकारी के अनुसार, फिल्म की कुल अवधि लगभग 1 घंटा 50 मिनट है, लेकिन भारतीय रिलीज से पहले इसमें करीब 38 सेकेंड के दो महत्वपूर्ण दृश्य हटा दिए गए। इनमें से एक दृश्य अत्यधिक हिंसा (वॉयलेंस) से जुड़ा था, जबकि दूसरा एक अंतरंग (इंटीमेट) दृश्य था। सेंसर बोर्ड का मानना था कि ये दृश्य भारतीय दर्शकों के लिए अत्यधिक संवेदनशील हो सकते हैं।
हालांकि, फिल्म प्रेमियों और हॉरर जॉनर के प्रशंसकों का एक वर्ग इस फैसले से संतुष्ट नहीं है। कई दर्शकों का कहना है कि फिल्म के महत्वपूर्ण दृश्यों को हटाने से कहानी का प्रभाव कम हो सकता है और निर्देशक की मूल दृष्टि प्रभावित होती है।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
फिल्म की रिलीज के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दर्शकों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने फिल्म की जमकर तारीफ की, जबकि कुछ ने सेंसर कट्स को लेकर नाराजगी जाहिर की।
एक यूजर ने पोस्ट करते हुए लिखा, “ऑब्सेशन (2026) इस साल की सबसे प्रभावशाली हॉरर फिल्मों में से एक है। इसकी कहानी और माहौल लंबे समय तक याद रहता है।”
एक अन्य दर्शक ने लिखा, “फिल्म अच्छी है और एक बार जरूर देखी जानी चाहिए, लेकिन सेंसर कट्स की वजह से अनुभव अधूरा महसूस हुआ।”
वहीं कुछ समीक्षकों ने फिल्म को पारंपरिक हॉरर से अलग बताते हुए इसे मनोवैज्ञानिक थ्रिलर की श्रेणी में रखा है। एक दर्शक ने अपनी समीक्षा में लिखा, “मुझे फिल्म का अंत पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाया, लेकिन इसकी कहानी जिस तरह मानसिक तनाव और भय को प्रस्तुत करती है, वह बेहद प्रभावशाली है। यह केवल हॉरर नहीं बल्कि एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। अचानक आने वाले डरावने दृश्य काफी असरदार हैं।”
कई दर्शकों ने फिल्म को 10 में से 8 या 9 अंक तक दिए हैं, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है।
क्या है फिल्म की कहानी?
‘ऑब्सेशन’ की कहानी मनोवैज्ञानिक भय और मानवीय जुनून (Obsession) के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में वास्तविकता और भ्रम के बीच की रेखा धीरे-धीरे धुंधली होती जाती है, जिससे दर्शक लगातार सस्पेंस और तनाव की स्थिति में बने रहते हैं।
निर्देशक करी बार्कर ने फिल्म में पारंपरिक हॉरर तत्वों के साथ मनोवैज्ञानिक रहस्य को जोड़ने की कोशिश की है। यही वजह है कि कई समीक्षक इसे केवल हॉरर फिल्म नहीं बल्कि एक गहरे मनोवैज्ञानिक अध्ययन के रूप में भी देख रहे हैं। फिल्म में डर पैदा करने के लिए केवल जंप-स्केयर का सहारा नहीं लिया गया, बल्कि वातावरण, ध्वनि प्रभाव और पात्रों की मानसिक स्थिति को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
यूट्यूबर से फिल्ममेकर बने करी बार्कर
‘ऑब्सेशन’ के निर्देशक और लेखक करी बार्कर की सफलता की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट निर्माण से अपने करियर की शुरुआत करने वाले बार्कर ने धीरे-धीरे फिल्म निर्माण की दुनिया में कदम रखा। उनकी यह फिल्म साबित करती है कि डिजिटल युग में नए रचनाकार भी सीमित संसाधनों के बावजूद वैश्विक स्तर पर प्रभाव छोड़ सकते हैं।
फिल्म की सफलता ने उन्हें हॉरर सिनेमा के उभरते हुए निर्देशकों की सूची में शामिल कर दिया है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ऑब्सेशन’ की सफलता भविष्य में स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
दमदार कास्ट ने बढ़ाया प्रभाव
फिल्म में माइकल जॉनस्टन और इंडे नवरेटे मुख्य भूमिकाओं में नजर आए हैं। दोनों कलाकारों के अभिनय की काफी सराहना की जा रही है। इनके अलावा कूपर टॉमलिंसन और मेगन लॉलेस ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
फिल्म का निर्माण जेम्स हैरिस, रोमन विआरिस-डी-लेसेग्नो और क्रिश्चियन मर्कुरी ने किया है। वहीं, फिल्म का संगीत रॉक बरवेल ने तैयार किया है, जिसने फिल्म के भयावह माहौल को और प्रभावशाली बनाने में अहम योगदान दिया है। संपादन की जिम्मेदारी भी स्वयं निर्देशक करी बार्कर ने संभाली है।
रेटिंग और दर्शकों की प्रतिक्रिया
‘ऑब्सेशन’ को विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर अब तक लगभग 8.2/10 की औसत रेटिंग मिल चुकी है, जो हॉरर जॉनर की फिल्मों के लिए एक मजबूत उपलब्धि मानी जाती है। समीक्षकों ने फिल्म की कहानी, निर्देशन, अभिनय और तकनीकी पक्षों की प्रशंसा की है।
हालांकि, भारतीय संस्करण में किए गए कट्स को लेकर बहस जारी है। कुछ दर्शकों का मानना है कि सेंसर बोर्ड के निर्णय का सम्मान किया जाना चाहिए, जबकि अन्य का कहना है कि वयस्क दर्शकों को फिल्म का मूल संस्करण देखने का अवसर मिलना चाहिए।
निष्कर्ष
‘ऑब्सेशन’ वर्ष 2026 की उन चुनिंदा फिल्मों में शामिल हो गई है जिसने सीमित बजट के बावजूद वैश्विक स्तर पर असाधारण सफलता हासिल की। हॉरर और साइकोलॉजिकल थ्रिलर के मिश्रण वाली यह फिल्म भारत में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां एक ओर इसकी कहानी, अभिनय और निर्देशन को सराहा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सेंसर कट्स को लेकर विवाद भी जारी है।
इसके बावजूद फिल्म दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल होती दिखाई दे रही है। यदि आप रहस्य, मनोवैज्ञानिक तनाव और हॉरर का अनोखा मिश्रण पसंद करते हैं, तो ‘ऑब्सेशन’ इस साल की देखने लायक फिल्मों में जरूर शामिल की जा सकती है।
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