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FCNR Scheme : एसबीआई समेत कई बैंकों ने एनआरआई के लिए एफसीएनआर योजना पर बढ़ाया आकर्षक ब्याज रिटर्न

NRI निवेशकों के लिए बैंकों का बड़ा दांव, FCNR-B स्कीम पर बढ़ाया ब्याज; विदेशी मुद्रा जमा पर मिलेगा ज्यादा रिटर्न

बिजनेस डेस्क: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की नई व्यवस्था के बाद देश के कई प्रमुख बैंकों ने प्रवासी भारतीयों (NRI) के लिए FCNR-B (Foreign Currency Non-Resident Bank) डिपॉजिट स्कीम पर आकर्षक ब्याज दरों की घोषणा की है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), ICICI बैंक, HDFC बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कोटक महिंद्रा बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने विदेशी मुद्रा जमा पर पहले के मुकाबले अधिक रिटर्न की पेशकश की है।

यह कदम विदेशों में रहने वाले भारतीयों से अधिक विदेशी मुद्रा निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से 60 से 70 अरब अमेरिकी डॉलर तक की विदेशी पूंजी भारत आ सकती है।

RBI के फैसले से बैंकों को मिली राहत

हाल ही में RBI ने बैंकों के लिए 30 सितंबर 2026 तक विदेशी मुद्रा स्वैप (Foreign Currency Swap) सुविधा उपलब्ध कराने का ऐलान किया था। इससे बैंकों की हेजिंग लागत कम हुई है और वे एनआरआई जमाओं पर अधिक ब्याज देने की स्थिति में आ गए हैं।

किस बैंक में कितना मिलेगा ब्याज?

  • SBI ने अमेरिकी डॉलर में 3 से 5 वर्ष की अवधि वाली SBI Advantage FCNR(B) स्कीम शुरू की है। इसमें 5.50% से 6.00% तक ब्याज की पेशकश की गई है।
  • ICICI बैंक 11 जून से NRI FCNR डिपॉजिट पर अधिकतम 6.50% ब्याज दे रहा है।
  • HDFC बैंक ने 3–5 वर्ष की FCNR(B) जमा पर ब्याज दर बढ़ाकर 6.00% कर दी है।
  • कोटक महिंद्रा बैंक 6.00% से 6.15% तक ब्याज दे रहा है।
  • बैंक ऑफ बड़ौदा ने अमेरिकी डॉलर, पाउंड, यूरो, ऑस्ट्रेलियाई और कनाडाई डॉलर में जमा पर संशोधित ब्याज दरें लागू की हैं।
  • AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अमेरिकी डॉलर FCNR(B) जमा पर अधिकतम ब्याज 7.10% तक बढ़ा दिया है।

क्या है FCNR-B अकाउंट?

FCNR-B अकाउंट एक विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट सुविधा है, जिसमें एनआरआई विदेशी मुद्रा में भारत में राशि जमा कर सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि मूलधन और ब्याज दोनों विदेशी मुद्रा में सुरक्षित रहते हैं, जिससे विनिमय दर (Exchange Rate) में उतार-चढ़ाव का जोखिम नहीं रहता। यही वजह है कि यह योजना प्रवासी भारतीयों के बीच काफी लोकप्रिय मानी जाती है।

बैंकों की नई ब्याज दरों से अब एनआरआई निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है, वहीं भारत में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ने से अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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