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Fake Teachers Arrested : फर्जी मार्कशीट से 19 साल नौकरी करने वाले 8 सरकारी शिक्षक गिरफ्तार, कोर्ट में होगी पेशी

फर्जी मार्कशीट से 19 साल तक बने रहे सरकारी शिक्षक, राजगढ़ में 8 आरोपी गिरफ्तार; कोर्ट में होगी पेशी

राजगढ़: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से शिक्षा विभाग में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। यहां फर्जी डीएड (D.Ed.) मार्कशीट के आधार पर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले 8 शिक्षकों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपी करीब 19 वर्षों से सरकारी स्कूलों में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। वहीं, मामले का एक अन्य आरोपी शिक्षक फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

जांच में खुली फर्जीवाड़े की परतें

जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग को शिकायत मिलने के बाद शासन स्तर पर एक जांच समिति गठित की गई थी। जांच के दौरान आरोपियों की डीएड मार्कशीट का सत्यापन कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी, मैसूर से कराया गया। जांच में सामने आया कि शिक्षकों ने दूसरे अभ्यर्थियों की मार्कशीट पर अपना नाम दर्ज कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उसी के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल कर ली।

बर्खास्तगी के बाद दर्ज हुई एफआईआर

जांच रिपोर्ट में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने सभी आरोपियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी सावन पाटीदार की शिकायत पर ब्यावरा सिटी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।

इन शिक्षकों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला

पुलिस के अनुसार, आरोपी शिक्षकों में पवन शर्मा, सुनील प्रजापति, हेमंत शर्मा, सावित्री दांगी, बने सिंह लववंशी, भारत सिंह यादव, हरिप्रसाद लववंशी और हिम्मत सिंह मीणा शामिल हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) सहित जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वहीं, आरोपी शिक्षक रमेश चंद्र फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

19 साल तक करते रहे सरकारी नौकरी

जांच में यह भी सामने आया कि सभी आरोपी लगभग 19 वर्षों तक फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर सरकारी शिक्षक के रूप में कार्य करते रहे। इतने लंबे समय तक फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी करने से शिक्षा विभाग की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस रिमांड में पूछताछ जारी

ब्यावरा सिटी थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करने वाले नेटवर्क और अन्य संभावित आरोपियों से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि प्रदेश में कहीं अन्य शिक्षक भी इसी तरह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्त तो नहीं हुए।

पूरे मामले पर प्रशासन की नजर

पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। जांच एजेंसियां फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह और नियुक्ति प्रक्रिया में संभावित लापरवाही या मिलीभगत की भी जांच कर रही हैं। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आरोपियों के खिलाफ आगे और भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

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