देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव ने लोगों की परेशानियाँ बढ़ा दी हैं। उत्तर भारत समेत कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, फूड पॉइजनिंग और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इसलिए इस मौसम में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में सबसे बड़ी समस्या शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की होती है। तेज धूप और अधिक पसीना निकलने से शरीर से जरूरी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं। यही कारण है कि गर्मियों में बार-बार प्यास लगना, कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना और सिरदर्द जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि केवल पानी पीना ही काफी नहीं है, बल्कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखना भी जरूरी है। इसके लिए नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ORS जैसे पेय काफी फायदेमंद माने जाते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दिन की शुरुआत एक या दो गिलास पानी से करनी चाहिए। सुबह खाली पेट पानी पीने से शरीर में रातभर की पानी की कमी दूर होती है और शरीर एक्टिव महसूस करता है। कुछ डॉक्टर पानी में नींबू, पुदीना या तुलसी के बीज मिलाकर पीने की भी सलाह देते हैं ताकि शरीर को प्राकृतिक ठंडक मिल सके।
गर्मी में खान-पान का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। भारी, मसालेदार और तला-भुना खाना शरीर में गर्मी बढ़ाता है और पाचन पर बुरा असर डालता है। विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मियों में तरबूज, खीरा, खरबूजा, संतरा, पपीता और दही जैसी चीजें ज्यादा खानी चाहिए क्योंकि इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। ये शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं।
पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग गर्मी से राहत पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम और ज्यादा मीठे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, लेकिन यह आदत नुकसानदायक हो सकती है। अधिक शुगर वाले ड्रिंक्स शरीर को थोड़ी देर के लिए ठंडक जरूर देते हैं, लेकिन बाद में डिहाइड्रेशन बढ़ा सकते हैं। हाल ही में विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि प्राकृतिक पेय और घर में बने ठंडे पेय ज्यादा फायदेमंद होते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार गर्मियों में दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक धूप सबसे ज्यादा खतरनाक होती है। इस दौरान बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो सिर को ढककर निकलें और साथ में पानी की बोतल जरूर रखें। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। साथ ही छाता, टोपी और सनग्लास का उपयोग भी फायदेमंद माना जाता है।
गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा खतरा होता है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों का शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है जबकि बुजुर्गों में गर्मी सहने की क्षमता कम होती है। इसलिए परिवार के इन सदस्यों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बच्चों को धूप में ज्यादा देर खेलने से रोकना चाहिए और बुजुर्गों को समय-समय पर पानी और तरल पदार्थ देते रहना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि गर्मी के मौसम में साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इस मौसम में दूषित पानी और खराब भोजन से टाइफाइड, पीलिया और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियाँ तेजी से फैलती हैं। इसलिए बाहर का खुला खाना खाने से बचना चाहिए और हमेशा ताजा भोजन करना चाहिए। हाथों को अच्छी तरह धोने और साफ पानी पीने की आदत कई बीमारियों से बचा सकती है।
डॉक्टरों ने गर्मियों में व्यायाम को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक तेज धूप में भारी एक्सरसाइज करने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सुबह या शाम के समय हल्का व्यायाम, योग या वॉक करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति को तेज सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, तेज बुखार या बेहोशी जैसी समस्या महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी लोग गर्मी से बचने के अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। कई लोगों ने सलाह दी है कि घर को ठंडा रखने के लिए दिन में खिड़कियों पर पर्दे लगाए रखें और रात में वेंटिलेशन का ध्यान रखें। कुछ लोगों ने घर में बने नींबू पानी, आम पना और छाछ को सबसे बेहतर घरेलू उपाय बताया।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में छोटी-छोटी सावधानियाँ अपनाकर बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। नियमित पानी पीना, हल्का भोजन करना, धूप से बचना और शरीर को ठंडा रखना ही स्वस्थ रहने का सबसे आसान तरीका है। अगर लोग समय रहते अपनी दिनचर्या में बदलाव करें तो भीषण गर्मी का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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