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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया यात्रा के दौरान विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन (Prambanan) मंदिर का दौरा किया। करीब 1,000 वर्ष पुराना यह भव्य हिंदू मंदिर दक्षिण-पूर्व एशिया में हिंदू सभ्यता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का एक शानदार प्रतीक माना जाता है। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर अपनी अद्भुत वास्तुकला, विशाल शिखरों और रामायण की उत्कृष्ट नक्काशी के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है।
क्या है प्रम्बानन मंदिर का इतिहास?
Prambanan का निर्माण 9वीं शताब्दी में राकाई पिकाटन नामक हिंदू शासक ने कराया था। यह मंदिर उस समय के माताराम साम्राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इतिहासकारों के अनुसार इसका निर्माण हिंदू धर्म के पुनरुत्थान और शैव परंपरा को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया था।
भगवान शिव को समर्पित है मुख्य मंदिर
प्रम्बानन मंदिर परिसर में कुल 240 मंदिर हैं। इनमें सबसे ऊंचा और प्रमुख मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, जिसकी ऊंचाई लगभग 47 मीटर है। इसके अलावा भगवान विष्णु और ब्रह्मा के भी भव्य मंदिर परिसर में स्थित हैं। इन तीनों मंदिरों को हिंदू धर्म की त्रिमूर्ति का प्रतीक माना जाता है।
अद्भुत है मंदिर की वास्तुकला
मंदिर की दीवारों पर रामायण और कृष्ण लीला से जुड़े प्रसंगों की सुंदर नक्काशी की गई है। ऊंचे शिखर, पत्थरों पर बारीक कलाकृतियां और प्राचीन स्थापत्य कला इसे दुनिया के सबसे खूबसूरत हिंदू मंदिरों में शामिल करती हैं। हर वर्ष यहां आयोजित होने वाला रामायण बैले (Ramayana Ballet) भी दुनियाभर के पर्यटकों को आकर्षित करता है।
UNESCO विश्व धरोहर में शामिल
UNESCO ने वर्ष 1991 में प्रम्बानन मंदिर को विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) का दर्जा दिया था। इसके बाद से यह इंडोनेशिया के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में गिना जाता है और हर साल लाखों पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
भारत और इंडोनेशिया के सांस्कृतिक रिश्तों का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल एक औपचारिक दौरा नहीं, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंधों का भी प्रतीक मानी जा रही है। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम-बहुल देश है, लेकिन यहां हिंदू संस्कृति और प्राचीन भारतीय परंपराओं की छाप आज भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
क्यों खास है प्रम्बानन मंदिर?
- करीब 1,000 साल पुराना हिंदू मंदिर।
- भगवान शिव को समर्पित दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर।
- परिसर में 240 मंदिर मौजूद हैं।
- मंदिर की दीवारों पर रामायण और कृष्ण लीला की शानदार नक्काशी।
- UNESCO विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त।
- इंडोनेशिया के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल।




