
कन्नौज जनपद में एक बार फिर आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे तेज रफ्तार का गवाह बना, जहाँ बुधवार की सुबह एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। आगरा से लखनऊ की ओर जा रही एक प्राइवेट डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे के डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। इस भीषण दुर्घटना में बस में सवार करीब 18 यात्री घायल हो गए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसा सकरावा थाना क्षेत्र अंतर्गत आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे के 144 किलोमीटर पॉइंट पर सुबह के समय हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस तेज रफ्तार में थी और अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद डिवाइडर से टकराकर पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अंदर बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, यह प्राइवेट डबल डेकर बस बिहार से लगभग 70 सवारियों को लेकर दिल्ली जा रही थी। सुबह के समय अधिकतर यात्री नींद में थे, तभी अचानक हुए हादसे से यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। बस के पलटते ही कई यात्री सीटों से नीचे गिर पड़े, जबकि कुछ यात्री बस के भीतर ही फंस गए।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एक्सप्रेसवे की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों को एंबुलेंस और पुलिस वाहनों की मदद से नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि 18 यात्रियों को चोटें आई हैं, जिनमें से कुछ को सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें लगी हैं। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज और तिर्वा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों का इलाज जारी है और फिलहाल किसी की जान को खतरा नहीं बताया जा रहा है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस चालक की लापरवाही सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक को नींद की झपकी आ गई, जिससे बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हालांकि, पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और चालक से पूछताछ की जा रही है।
हादसे के बाद कुछ देर के लिए आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित रहा। पलटी हुई बस को हटाने और सड़क को साफ करने के लिए क्रेन की मदद ली गई। पुलिस और एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सामान्य किया जा सका।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर लगातार हो रहे हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। तेज रफ्तार, लंबी दूरी की यात्राएं और चालकों की लापरवाही अक्सर बड़े हादसों का कारण बन रही है। इसके बावजूद कई बस चालक सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते नजर आते हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल-चाल लिया और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। प्रशासन ने एक्सप्रेसवे पर चलने वाले भारी वाहनों और बसों की नियमित जांच तथा चालकों के विश्राम समय को लेकर सख्ती बरतने की बात कही है।
बताया जा रहा है कि इस बस में सवार अधिकांश यात्री बिहार से दिल्ली रोजगार और अन्य कार्यों के लिए जा रहे थे। अचानक हुए हादसे ने यात्रियों और उनके परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अस्पतालों में घायलों के परिजन भी पहुंचने लगे हैं।
पुलिस का कहना है कि हादसे से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बस की तकनीकी स्थिति, चालक की ड्यूटी अवधि और गति सीमा के उल्लंघन की भी जांच की जाएगी। यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे पर इससे पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम राहत कार्य में जुटी हुई है और घायलों का इलाज जारी है। इस हादसे ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है।




