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आइए जानें कब है बड़ा मंगल, इसकी कथा और महत्व जानते हैं..

सनातन शास्त्रों में निहित है कि ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले पहले मंगलवार को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और उनके परम भक्त हनुमान जी का मिलन हुआ था। अतः ज्येष्ठ माह के पहले मंगलवार को बड़ा मंगलवार कहा जाता है। हिंदी पंचांग के अनुसार, हर वर्ष ज्येष्ठ माह में प्रथम मंगलवार को बड़ा मंगल मनाया जाता है। इस प्रकार साल 2023 में बड़ा मंगल 9 मई को है। इस दिन मर्यादा पुरुषोतम श्रीराम के परम और अनन्य भक्त श्री हनुमान जी की पूजा उपासना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि बड़ा मंगल व्रत करने से साधक के सभी दुख और संकट दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन में सुख और समृद्धि आती है। इस पर्व को सनातन और इस्लाम दोनों धर्म के अनुयायी एक साथ मनाते हैं। आइए, इसकी कथा और महत्व जानते हैं- कथा सनातन धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा उपासना की जाती है। हनुमान जी के पूजा करने से साधक के जीवन में व्याप्त समस्त दुखों का नाश होता है। इसके लिए साधक श्रद्धा भाव से हनुमान जी की पूजा करते हैं। वहीं, बड़ा मंगल पर विशेष पूजा उपासना की जाती है। सनातन शास्त्रों में निहित है कि ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले पहले मंगलवार को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम और उनके परम भक्त हनुमान जी का मिलन हुआ था। अतः ज्येष्ठ माह के पहले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। वहीं, एक अन्य किदवंती है कि महाभारतकाल में हनुमान जी ने ज्येष्ठ माह के प्रथम मंगल को वृद्ध वानर का रूप धारण कर गदाधारी भीम के अभिमान को तोड़ा था। अतः इसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है। इस दिन उत्तर प्रदेश के लखनऊ में उत्सव जैसा माहौल रहता है। महत्व एक बार की बात है। जब अवध के नवाब मोहम्मद अली शाह के पुत्र की तबीयत बहुत बिगड़ गई। सभी जगहों पर इलाज कराने के बाद भी पुत्र की सेहत में सुधार नहीं हुआ, तो लोगों ने उन्हें लखनऊ स्थित अलीगंज के हनुमान मंदिर जाने की सलाह दी। उस समय हनुमान जी की कृपा से अवध के नवाब मोहम्मद अली शाह के पुत्र की तबीयत ठीक हो गई। उस समय अपने पुत्र को स्वस्थ देखकर नवाब फूले नहीं समाए। इसके बाद नवाब मोहम्मद अली शाह ने विधिवत हनुमान जी की पूजा उपासना की। साथ ही प्रसाद में हनुमान जी को गुड़ और धनिया भेंट की । इसके अलावा, मंदिर परिसर में प्याऊ भी लगवाया। उस समय से यह पर्व हर साल धूम-धाम से मनाया जाता है। बुढ़वा मंगल के दिन मंदिर को सजाया जाता है। साथ ही विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। बड़ी संख्या में भक्तगण हनुमान जी के दर्शन हेतु दरबार आते हैं।

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