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मानव-वन्यजीव संघर्ष से निपटने की दिशा में बड़ा कदम: कोयंबटूर में ‘उत्कृष्टता केंद्र’ और राष्ट्रीय पोर्टल का उद्घाटन

कोयंबटूर में मानव-वन्यजीव संघर्ष उत्कृष्टता केंद्र और राष्ट्रीय पोर्टल का उद्घाटन, संरक्षण को मिलेगा नया बल

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कोयंबटूर में शुरू हुआ मानव-वन्यजीव संघर्ष उत्कृष्टता केंद्र

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने तमिलनाडु के कोयंबटूर में मानव-वन्यजीव संघर्ष उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence on Human-Wildlife Conflict Management) तथा राष्ट्रीय मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन पोर्टल का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य देशभर में बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को वैज्ञानिक, तकनीकी और समन्वित तरीके से कम करना तथा राज्यों को प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना है.

केंद्र का उद्देश्य क्या है?

यह उत्कृष्टता केंद्र मानव और वन्यजीवों के बीच होने वाले संघर्ष की रोकथाम, अनुसंधान और क्षमता निर्माण का राष्ट्रीय केंद्र होगा। इसके प्रमुख कार्य होंगे—

  • मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारणों पर वैज्ञानिक शोध।
  • राज्यों को तकनीकी और नीति संबंधी सहायता।
  • वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण।
  • आधुनिक तकनीक के माध्यम से संघर्ष की रोकथाम।
  • बेहतर पुनर्वास और संरक्षण रणनीतियों का विकास।

राष्ट्रीय पोर्टल की विशेषताएं

इस अवसर पर लॉन्च किए गए Human-Wildlife Conflict Management Portal के माध्यम से—

  • संघर्ष की घटनाओं का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।
  • डेटा विश्लेषण के आधार पर संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान होगी।
  • राज्यों के बीच सूचना और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान संभव होगा।
  • नीति निर्माण और त्वरित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
  • वन विभागों के लिए एकीकृत सूचना प्रणाली उपलब्ध होगी।

क्यों जरूरी है यह पहल?

भारत में हाथी, बाघ, तेंदुआ, भालू और अन्य वन्यजीवों के मानव बस्तियों के निकट आने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसके पीछे जंगलों का सिकुड़ना, शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बदलाव प्रमुख कारण माने जाते हैं। यह केंद्र ऐसे संघर्षों को कम करने और मानव जीवन तथा वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

संरक्षण और तकनीक का होगा समन्वय

पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार यह पहल प्रौद्योगिकी आधारित वन्यजीव प्रबंधन, डेटा-संचालित निर्णय, समुदाय की भागीदारी और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देगी। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी लाने और जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि कोयंबटूर में स्थापित यह उत्कृष्टता केंद्र और राष्ट्रीय पोर्टल भारत में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और टिकाऊ विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगे। यह पहल राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी नीति निर्माण में भी सहायक बनेगी।

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