BCCI Crackdown : आईपीएल फाइनल से पहले BCCI का बड़ा फैसला, अब खिलाड़ियों पर लगेगी ये नई रोक!

आईपीएल 2026 अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है और पूरे देश की नजरें क्वालीफायर-2 और फाइनल मुकाबले पर टिकी हुई हैं। एक तरफ जहां मैदान पर रोमांच चरम पर है, वहीं दूसरी ओर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने अचानक एक ऐसा बड़ा फैसला लिया है, जिसने खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के बीच हलचल बढ़ा दी है। आईपीएल के बचे हुए दो मुकाबलों से पहले बीसीसीआई ने नया फरमान जारी करते हुए स्मार्ट सनग्लास के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। अब खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ और मैच अधिकारी मैच के दौरान किसी भी तरह के स्मार्ट ग्लासेस का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।

दरअसल आईपीएल के इस सीजन में अब केवल दो ही मुकाबले बाकी हैं। शुक्रवार को क्वालीफायर-2 खेला जाना है, जबकि रविवार को फाइनल मैच होगा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु यानी आरसीबी पहले ही फाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी है और अब सभी की नजरें दूसरे फाइनलिस्ट पर टिकी हुई हैं। इसी बीच बीसीसीआई ने सुरक्षा और एंटी करप्शन से जुड़े मामलों को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा फैसला लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट यानी ACU ने बोर्ड को सलाह दी थी कि स्मार्ट सनग्लास भविष्य में सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी टीमों और मैच अधिकारियों को एडवाइजरी जारी कर दी गई। इसमें साफ कहा गया है कि मैच के दौरान स्मार्ट सनग्लास पहनने की अनुमति नहीं होगी।

असल में आजकल कई बड़ी कंपनियां खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को हाईटेक स्मार्ट सनग्लास उपलब्ध करा रही हैं। देखने में ये सामान्य चश्मों जैसे लगते हैं, लेकिन इनमें कई एडवांस फीचर्स होते हैं। इन स्मार्ट ग्लासेस में लाइव स्ट्रीमिंग, टेक्स्ट मैसेज भेजने और रिसीव करने की सुविधा होती है। इतना ही नहीं, इनमें वाईफाई और मोबाइल डेटा सपोर्ट भी मौजूद रहता है। कुछ डिवाइसेज में कॉलिंग और रिकॉर्डिंग जैसे फीचर्स भी शामिल होते हैं। यही वजह है कि बीसीसीआई को आशंका है कि इनका गलत इस्तेमाल मैच के दौरान किया जा सकता है।

बीसीसीआई को डर है कि अगर खिलाड़ियों या अधिकारियों के पास इस तरह के डिवाइस रहे तो मैच से जुड़ी गोपनीय जानकारी बाहर लीक हो सकती है। साथ ही स्पॉट फिक्सिंग, सट्टेबाजी या अवैध संपर्क जैसी गतिविधियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसी कारण बोर्ड ने कोई भी जोखिम उठाने से इनकार कर दिया है और टूर्नामेंट के सबसे अहम चरण से पहले सख्त कदम उठा लिया गया है।

सूत्रों के अनुसार अब खिलाड़ियों को अपने मोबाइल फोन के साथ-साथ स्मार्ट सनग्लास भी जमा कराने होंगे। मैच शुरू होने से पहले इनकी जांच की जाएगी और यदि कोई खिलाड़ी या अधिकारी नियम तोड़ते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। बीसीसीआई ने साफ संकेत दिए हैं कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस फैसले के पीछे हाल ही में हुई एक घटना को भी अहम माना जा रहा है। कुछ समय पहले राजस्थान रॉयल्स के अधिकारी रोमी भिंडर एक मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद हो गए थे। यह मामला सामने आने के बाद काफी विवाद हुआ था। बाद में उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया और चेतावनी भी दी गई थी। उस घटना ने बीसीसीआई को और ज्यादा सतर्क कर दिया। अब बोर्ड किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी या नियम उल्लंघन से बचना चाहता है।

बीसीसीआई पहले भी खिलाड़ियों की सुरक्षा और एंटी करप्शन को लेकर कई सख्त नियम लागू कर चुका है। कुछ समय पहले ऐसी खबरें सामने आई थीं कि खिलाड़ियों के होटल तक उनके जानने वाले और परिवार के अलावा संदिग्ध लोग भी पहुंचने लगे थे। इससे हनी ट्रैपिंग और सुरक्षा से जुड़े खतरे बढ़ गए थे। इसके बाद बोर्ड ने होटल सिक्योरिटी को और ज्यादा मजबूत कर दिया था।

इसके अलावा खिलाड़ियों के देर रात बाहर जाने पर भी निगरानी बढ़ाई गई थी। बिना अनुमति के होटल से बाहर जाने पर रोक लगाने जैसे नियम भी लागू किए गए थे। बीसीसीआई का मानना है कि आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीगों में से एक है और इसमें करोड़ों रुपये दांव पर लगे होते हैं। ऐसे में किसी भी छोटी गलती का बड़ा असर पड़ सकता है।

क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी जितनी तेजी से आगे बढ़ेगी, खेलों में सुरक्षा चुनौतियां भी उतनी ही बढ़ेंगी। स्मार्ट डिवाइसेज खिलाड़ियों के लिए सुविधा जरूर बनते जा रहे हैं, लेकिन इनके जरिए डेटा लीक, अवैध कम्युनिकेशन और मैच से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा होने का खतरा भी बढ़ गया है। यही वजह है कि बीसीसीआई अब हर छोटे पहलू पर बारीकी से नजर रख रहा है।

फिलहाल इस नए नियम के बाद खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को भी काफी सतर्क रहने की जरूरत होगी। आईपीएल फाइनल से पहले आए इस अचानक फैसले ने साफ कर दिया है कि बीसीसीआई अब सुरक्षा और एंटी करप्शन मामलों में किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में बोर्ड और कौन-कौन से नए नियम लागू करता है। फिलहाल क्रिकेट फैंस की नजरें मैदान पर होने वाले रोमांचक मुकाबलों के साथ-साथ बीसीसीआई के इस नए फैसले पर भी टिकी हुई हैं।

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