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यूपी में अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण का ऐलान, पुलिस-PAC समेत सरकारी नौकरियों में मिलेगा मौका

यूपी में अग्निवीरों को 20% आरक्षण, पुलिस और PAC भर्ती में मिलेगा मौका

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्निवीरों के भविष्य और रोजगार को लेकर बड़ा ऐलान किया है। चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद वापस लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है। इस फैसले के तहत पूर्व अग्निवीरों को पुलिस, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) और कुछ अन्य सरकारी विभागों में भर्ती का अवसर मिलेगा।

सरकार का कहना है कि सेना में सेवा के दौरान अग्निवीर अनुशासन, शारीरिक दक्षता, टीमवर्क और सुरक्षा से जुड़ा अनुभव हासिल करते हैं। ऐसे प्रशिक्षित युवाओं की सेवाओं का इस्तेमाल राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था में किया जा सकता है। इस कदम को सैन्य सेवा पूरी करने के बाद युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को मिलेगा लाभ

अग्निपथ योजना के तहत सेना में अग्निवीरों की नियुक्ति चार साल के लिए की जाती है। सेवा अवधि पूरी होने के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में शामिल नहीं किया जाता। ऐसे में उनके सामने आगे रोजगार हासिल करने की चुनौती रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की है।

मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर 2026 को गोंडा के तेजपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य के विभिन्न विभागों में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा दोहराई। इस कार्यक्रम में उन्होंने 520 करोड़ रुपये की 69 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

पुलिस और PAC भर्ती में पहले ही मिल चुकी है मंजूरी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जून 2025 में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस विभाग की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत सिपाही, PAC सिपाही, घुड़सवार पुलिस और फायरमैन जैसे पद शामिल किए गए थे।

इस आरक्षण की खास बात यह है कि इसका लाभ अग्निवीरों को उनकी संबंधित सामाजिक श्रेणी के भीतर मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, अनुसूचित जाति वर्ग का पूर्व अग्निवीर इसी वर्ग के निर्धारित आरक्षण के अंतर्गत लाभ प्राप्त करेगा। इसी तरह OBC और अन्य वर्गों के उम्मीदवारों पर भी व्यवस्था लागू होगी।

उम्र सीमा में भी मिलेगी तीन साल की छूट

पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में अवसर देने के लिए आयु सीमा में भी राहत का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले के अनुसार, उन्हें अधिकतम आयु सीमा में तीन साल तक की छूट दी जाएगी। इसके अलावा, उनकी चार साल की सैन्य सेवा अवधि को आयु की गणना में समायोजित करने का प्रावधान भी बताया गया है।

इससे उन युवाओं को फायदा मिल सकता है, जिनकी उम्र चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने के बाद सामान्य भर्ती की निर्धारित सीमा के करीब पहुंच जाती है।

अन्य विभागों में भी बढ़ा आरक्षण का दायरा

पूर्व अग्निवीरों को पुलिस और सुरक्षा सेवाओं के अलावा दूसरे विभागों में भी अवसर देने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सितंबर 2026 में उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जेल वार्डर और परिवहन विभाग में प्रवर्तन कांस्टेबल के सीधे भर्ती वाले पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी थी। इन पदों के लिए भी अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की विशेष छूट का प्रावधान किया गया है।

युवाओं के लिए क्या है इसका महत्व?

अग्निवीरों को सेना में प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक दक्षता, अनुशासन, टीमवर्क और सुरक्षा संबंधी कामकाज का अनुभव मिलता है। पुलिस, PAC और अन्य सुरक्षा से जुड़े विभागों में यह अनुभव उपयोगी हो सकता है। सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

हालांकि, उम्मीदवारों को भर्ती से जुड़े विस्तृत नियम, पात्रता, चयन प्रक्रिया और आवेदन की तारीखों के लिए आधिकारिक विज्ञप्ति का इंतजार करना चाहिए। आरक्षण मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी उम्मीदवारों की नियुक्ति अपने आप हो जाएगी; उन्हें संबंधित पद की निर्धारित पात्रता और चयन संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी।

इस तरह उत्तर प्रदेश में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था रोजगार के नए रास्ते खोल सकती है। अब युवाओं की नजरें आगामी भर्ती विज्ञापनों और सरकार की विस्तृत गाइडलाइन पर रहेंगी।

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