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बिहार के इन 9 राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग ने किया डी-लिस्ट

चुनाव आयोग ने बिहार के 9 राजनीतिक दलों को डी-लिस्ट यानी गैर सूचीबद्ध घोषित कर दिया है। इनमें एआईएमएस, अखिल भारतीय अत्यंत पिछड़ा संघर्ष, अति पिछड़ा पार्टी, अखिल भारतीय देशभक्त मोर्चा समेत अन्य पार्टियां शामिल हैं। ये दल अब चुनाव चिह्न आवंटन की सुविधा का फायदा नहीं उठा पाएंगे। डी-लिस्ट किए गई पार्टियों ने चुनाव आयोग को चंदा, इनकम टैक्स समेत कोई भी ब्योरा चुनाव आयोग को नहीं दिया था। इस वजह से आयोग द्वारा कार्रवाई की गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने एआईएमएस पार्टी(स्थापित 24.06.2011),  अखंड झारखंड पीपुल्स फ्रंट (स्थापित 17.11.2004), अखिल भारतीय अत्यंत पिछड़ा संघर्ष(स्थापित 30.04.2010), अखिल भारतीय देशभक्त मोर्चा(स्थापित 10.12.1991), अति पिछड़ा पार्टी (स्थापित 18.02.2009), भारत मंगलम परिषद (स्थापित 20.11.2001), भारतीय उत्तम सेना ( स्थापित 31.01.2013), भारतीय राजनीतिक विकल्प पार्टी (स्थापित 06.08.2013) एवं दलित समाज पार्टी (स्थापित 16.06.1998) को गैर सूचीबद्ध किया है। ये अब सिंबल नहीं बांट पाएंगे। जानकारी के अनुसार पंजीकृत राजनीतिक दल आम चुनाव में कुल सीटों के पांच फीसदी सीटों पर उम्मीदवार उतारते हैं तो सिंबल आवंटन कर सकते हैं। अब इन 9 दलों की ये सुविधाएं खत्म हो जाएंगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के कार्यालय से मंगलवार को मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग ने देशभर के 253 पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को निष्क्रिय घोषित किया है। अब ये राजनीतिक दल प्रतीक आवंटन नियम 1968 के तहत राजनीतिक दलों को मिलने वाली सुविधा का लाभ नहीं ले पाएंगे। इसके अतिरिक्त 86 पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को गैर सूचीबद्व कर दिया है एवं ये 86 राजनीतिक दल भी प्रतीक आवंटन आदेश 1968 के तहत लाभ प्राप्त नहीं कर सकेंगे। सूत्रों ने बताया कि बिहार के गैर सूचीबद्ध किए गए राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग के निर्देशानुसार पार्टी का कोई भी ब्यौरा दाखिल नहीं किया। इनके द्वारा आम चुनाव में प्रत्याशी भी नहीं उतारे गए। इन पार्टियों द्वारा आयकर का ब्यौरा चुनाव आयोग को उपलब्ध नहीं कराया गया। इन राजनीतिक दलों के पता पर संपर्क किए जाने पर वे वहां नहीं पाए गए।  

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