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Chaitra Navratri : 2 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि शुरू, जानें घटस्थापना का मुहूर्त और वास्तु के उपाय

Chaitra Navratri 2022: मां दुर्गा की आराधना के लिए चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ 02 अप्रैल दिन शनिवार से हो रहा है. चैत्र नवरात्रि 02 अप्रैल से 11 अप्रैल तक है. चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना या कलश स्थापना करते हैं. फिर मां दुर्गा के प्रथम स्वरुप मां शैत्रपुत्री की पूजा करते हैं.

इस साल चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है और पूरी नवरात्रि में कौन कौन से शुभ योग बनने वाले हैं, यह जानना काफी महत्वपूर्ण है. आप इन मुहूर्त और योग में मां दुर्गा की आराधना से अपनी मनोकामनाओं की पूति कर सकते हैं और माता रानी के आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं. आइए जानते हैं घटस्थापना मुहूर्त  एवं चैत्र नवरात्रि के पूरे 09 दिनों के शुभ के बारे में.

पंडित महेंद्र कुमार शुक्ला जी बताते है कि इस बार कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 22 मिनट से 8 बजकर 30  मिनट तक रहेगा. कलश स्थापना नवरात्रि के पहले दिन यानी प्रतिपदा तिथि को की जाती है. मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना ना करने से माता अप्रसन्न हो जाती हैं. ऐसे में कलश स्थापना शुभ मुहूर्त में करनी चाहिए.

चैत्र नवरात्रि 2022 शुभ मुहूर्त

  • चैत्र घटस्थापना शनिवार, अप्रैल 2, 2022 को
  • चैत्र नवरात्रि घटस्थापना का मुहूर्त – सुबह 06 बजकर 22 मिनट से 08 बजकर 31 मिनट तक
  • घटस्थापना का अभिजित मुहूर्त – 12 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक घटस्थापना मुहूर्त प्रतिपदा तिथि पर है.
  • परतिपदा तिथि प्रारम्भ – अप्रैल 01, 2022 को सुबह 11 बजकर 53 मिनट से शुरू
  • प्रतिपदा तिथि समाप्त – अप्रैल 02, 2022 को सुबह 11 बजकर 58 मिनट तक

चैत्र नवरात्रि वास्तु के उपाय

  • ज्योतिषी करिश्मा कौशिक के मुताबिक, चैत्र नवरात्रि के दौरान वास्तु के कुछ उपाय करने से आपको सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है. आइए जानते हैं वास्तु के इन उपायों के बारे में –
  • चैत्र नवरात्रि के दौरान घटस्थापना उत्तर या पूर्व दिशा में करना चाहिए. ऐसा करने से घर में सुख और समृद्धि आती है.
  • नवरात्रि के दौरान बहुत से लोग 9 दिनों तक घर में अखंड ज्योति जलाते हैं. इसे आप सिर्फ माता के ही आगे नहीं बल्कि घर में कहीं भी जला सकते हैं. ध्यान रहे कि अखंड ज्योति को हमेशा घर की आग्नेय कोण दिशा में रखा जाना चाहिए. 9 दिनों तक इस दिशा में अखंड ज्योति जलाने से घर में सकारात्मकता आती है साथ ही आपको शत्रुओं से छुटकारा मिलता है. ऐसा करने से शत्रु आपपर हावी नहीं होते. इससे घर में होने वाले कलह भी दूर होते हैं.
  • नवरात्रि के दौरान लोग घर में माता के पदचिह्न लगाते हैं. दिवाली पर भी यह ऐसा किया जाता है. लेकिन कई बार लोग इन्हें लगाते समय गलती कर देते हैं और इन पदचिह्नों को घर से बाहर की और जाते हुए लगाते हैं.  यह काफी गलत माना जाता है. ऐसे में माता के पदचिह्नों को घर के अंदर आते हुए लगाना चाहिए. इससे आपके घर में धन का आगमन होगा.
  • अगर आप चाहते हैं कि हर जगह आपका मान-सम्मान किया जाए और आपका मन शांत रहे तो इसके लिए नवरात्रि के दौरान घर की उत्तर दिशा की तरह ओम का चिह्न बनाने से आपको काफी फायदा मिलेगा. ऐसा करने से आपके मान-सम्मान में बढ़ोतरी होगी और मन शांत और खुश रहेगा. आप नवरात्रि के बाद भी ओम के इस चिह्न को बनाए रख सकते हैं.
  • नवरात्रि के अष्टमी और नवमी तिथि पर 9 कन्याओं का पूजन किया जाता है. इन नौ कन्याओं को मां दुर्गा के 9 स्वरुपों के समान माना जाता है. ऐसे में इस साल अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन करते समय उन्हें दक्षिण दिशा की ओर बैठाएं.  ऐसा करने से आपके घर में सकारात्मकता आती है और आपके मान-सम्मान में भी बढ़ोतरी होगी.

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