
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान छात्र आंदोलन को लेकर विपक्ष की ओर से उठाई जा रही चर्चा की मांग पर सरकार ने चर्चा के लिए अपनी सहमति जता दी है। संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने कहा है कि सरकार इस मुद्दे पर सदन में विस्तार से चर्चा कराने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चर्चा के दौरान उठाए जाने वाले सवालों और मुद्दों का सरकार की ओर से एक-एक करके जवाब दिया जाएगा।

रिजिजू ने कहा कि इस विषय पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री सदन में सरकार की ओर से जवाब देंगे। हालांकि, उन्होंने विपक्ष से अपील की कि जब सरकार की ओर से जवाब दिया जा रहा हो तो विपक्ष को उसे गंभीरता से सुनना चाहिए।
सरकार बोली- हर सवाल का दिया जाएगा जवाब
संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने संसद के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सदन में इस विषय पर जो भी बातें उठाई जाएंगी, उनका जवाब दिया जाएगा।
रिजिजू के मुताबिक, सरकार चर्चा से पीछे नहीं हट रही है और वह विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर अपना पक्ष स्पष्ट करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि चर्चा के दौरान सरकार की ओर से विस्तृत जवाब दिया जाएगा और गृह मंत्री सदन में सरकार का पक्ष रखेंगे।
रिजिजू की विपक्ष से अपील- सरकार का जवाब सुनें
किरन रिजिजू ने विपक्ष के रवैये को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जब गृह मंत्री सदन में जवाब देना शुरू करें तो विपक्ष को उस जवाब को सुनना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि सरकार का जवाब शुरू होते ही विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगें या सदन से बाहर चले जाएं। रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि यदि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री जवाब देने वाले हैं तो विपक्ष को भी सरकार का पक्ष सुनना चाहिए।
छात्र आंदोलन को लेकर संसद में गरमाई राजनीति
छात्र आंदोलन का मुद्दा मानसून सत्र के दौरान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण विषय बन गया है। विपक्ष इस मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग कर रहा था। अब सरकार की ओर से चर्चा के लिए तैयार होने के बाद इस विषय पर संसद में विस्तृत बहस का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।
सरकार की ओर से चर्चा के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले सवालों का जवाब दिए जाने की बात कही गई है। ऐसे में संसद की कार्यवाही के दौरान इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
गृह मंत्री देंगे सरकार की ओर से जवाब
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार की ओर से गृह मंत्री सदन में जवाब देंगे। इससे चर्चा के दौरान सरकार के रुख पर सबकी नजर रहेगी।
रिजिजू ने यह भी साफ किया कि सरकार चर्चा कराने और विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार है, लेकिन चर्चा का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब दोनों पक्ष एक-दूसरे की बात सुनें। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही के दौरान व्यवधान पैदा करने के बजाय सरकार के जवाब को सुनने की अपील की।
सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के बीच चर्चा अहम
मानसून सत्र में विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार राजनीतिक मतभेद देखने को मिल रहे हैं। ऐसे माहौल में छात्र आंदोलन पर चर्चा की सरकार की मंजूरी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि सदन में विपक्ष छात्र आंदोलन से जुड़े कौन-कौन से मुद्दे उठाता है और सरकार की ओर से गृह मंत्री उनका किस तरह जवाब देते हैं। चर्चा के दौरान सरकार अपने पक्ष में क्या तर्क रखती है और विपक्ष किन सवालों को प्रमुखता देता है, यह भी अहम होगा।
फिलहाल संसदीय कार्यमंत्री किरन रिजिजू ने साफ कर दिया है कि सरकार विस्तृत चर्चा और जवाब के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष से सरकार के जवाब को सुनने की अपेक्षा भी की जा रही है।




