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जिनपिंग अमेरिका को देंगे दो पांडा, बनेंगे चीन-अमेरिका दोस्ती के दूत, जानें पांडा कूटनीति का महत्व

अमेरिका को दो पांडा देगा चीन, दोस्ती के दूत बनेंगे Ping Ping और Fu Shuang; जानें क्या है Panda Diplomacy

वॉशिंगटन: अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों में चल रही कूटनीतिक हलचल के बीच एक दिलचस्प खबर सामने आई है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका को दो विशाल पांडा भेजने की घोषणा की है। ये दोनों पांडा जल्द ही जू अटलांटा पहुंचेंगे। चीन की ओर से भेजे जा रहे नर पांडा Ping Ping और मादा पांडा Fu Shuang को दोनों देशों के लोगों के बीच दोस्ती का प्रतीक बताया जा रहा है। शी जिनपिंग ने इन पांडा को ‘दोस्ती का दूत’ बताया है।

शी जिनपिंग ने यह घोषणा 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात के दौरान की। उन्होंने कहा कि विशाल पांडा लंबे समय से चीन और अमेरिका के लोगों के बीच दोस्ती के दूत रहे हैं। उन्होंने बताया कि Ping Ping और Fu Shuang कुछ ही दिनों में अपने नए घर जू अटलांटा पहुंचेंगे और अमेरिकी लोगों से मिलेंगे। हालांकि, जू अटलांटा ने अभी इन पांडा के पहुंचने की सटीक तारीख सार्वजनिक नहीं की है।

चीन-अमेरिका के बीच फिर शुरू हुआ Panda Diplomacy का दौर

इन दोनों पांडा का अमेरिका पहुंचना इसलिए भी अहम है क्योंकि जू अटलांटा में करीब दो साल बाद एक बार फिर जायंट पांडा दिखाई देंगे। अप्रैल 2026 में जू अटलांटा और चाइना वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन एसोसिएशन के बीच एक नया इंटरनेशनल कोऑपरेटिव रिसर्च एग्रीमेंट हुआ था। इसी समझौते के तहत Ping Ping और Fu Shuang को अटलांटा भेजा जा रहा है। दोनों का जन्म चीन के Chengdu Research Base of Giant Panda Breeding में हुआ है।

जू अटलांटा और चीन के बीच पांडा संरक्षण को लेकर पहले भी लंबी साझेदारी रही है। 1999 में शुरू हुआ पिछला समझौता 2024 में समाप्त हुआ था। इसके बाद अटलांटा में मौजूद Lun Lun, Yang Yang और उनके बच्चों को अक्टूबर 2024 में वापस चीन भेज दिया गया था। अब नए समझौते के साथ अटलांटा में एक बार फिर पांडा की वापसी होने जा रही है।

क्या है चीन की Panda Diplomacy?

‘पांडा डिप्लोमेसी’ चीन की एक चर्चित कूटनीतिक परंपरा है, जिसमें विशाल पांडा को दूसरे देशों के साथ मैत्री और सहयोग के प्रतीक के तौर पर भेजा जाता रहा है। अमेरिका में इसकी शुरुआत 1972 में हुई थी, जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की चीन यात्रा के दौरान अमेरिका को दो पांडा मिले थे। इन पांडा के नाम Ling-Ling और Hsing-Hsing थे और वे वॉशिंगटन डीसी के नेशनल जू में लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुए थे।

समय के साथ पांडा चीन की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ कूटनीतिक संबंधों का भी अहम प्रतीक बन गए। दूसरे देशों के साथ पांडा को लेकर हुए समझौतों में संरक्षण, शोध और प्रजनन जैसे वैज्ञानिक पहलू भी शामिल रहे हैं।

ट्रंप-शी मुलाकात के बीच पांडा की घोषणा

पांडा भेजने की घोषणा ऐसे समय हुई है जब ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच अमेरिका-चीन संबंधों को लेकर उच्चस्तरीय बातचीत हो रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार, दुर्लभ खनिजों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दे बातचीत के प्रमुख विषयों में शामिल हैं। शी की यह यात्रा एक दशक से ज्यादा समय बाद उनकी वॉशिंगटन यात्रा के रूप में भी महत्वपूर्ण है।

ऐसे में Ping Ping और Fu Shuang का अमेरिका पहुंचना महज वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी खबर नहीं है। चीन की ओर से इन्हें दोनों देशों के लोगों के बीच दोस्ती और सहयोग के प्रतीक के तौर पर पेश किया गया है। हालांकि, अमेरिका और चीन के बीच कई जटिल मुद्दे अब भी मौजूद हैं, लेकिन पांडा की वापसी दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे एक खास सांस्कृतिक और संरक्षण सहयोग को फिर से सामने लाती है।

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