
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम की तैयारियों की बड़ी कमजोरी सामने आ गई है। डार्विन में खेले गए तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबले में बांग्लादेश को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI के खिलाफ पारी और 38 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले की सबसे चौंकाने वाली तस्वीर बांग्लादेश की दूसरी पारी में देखने को मिली, जहां पूरी टीम महज 54 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। बांग्लादेशी बल्लेबाज क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI के युवा गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आए।

दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंची बांग्लादेशी टीम के लिए यह अभ्यास मैच बेहद अहम माना जा रहा था। टीम को टेस्ट सीरीज से पहले अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की तैयारियों को परखने का मौका मिला था, लेकिन मुकाबले के नतीजे ने उसकी बल्लेबाजी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली पारी में मेहदी हसन मिराज के शानदार नाबाद शतक के दम पर 263 रन बनाने वाली बांग्लादेशी टीम दूसरी पारी में महज 54 रन पर सिमट गई।
पहली पारी में मिराज का शतक, फिर भी नहीं बचा सके टीम को
बांग्लादेश ने मुकाबले की पहली पारी में 263 रन बनाए थे। टीम की ओर से मेहदी हसन मिराज ने नाबाद शतक लगाकर शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। मिराज ने मुश्किल परिस्थितियों में पारी को संभाला और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
इसके जवाब में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI ने जबरदस्त बल्लेबाजी की। तेग वायली ने 130 रनों की शानदार पारी खेली और अपनी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI ने पहली पारी में 355 रन बनाए और बांग्लादेश पर 92 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।
यहीं से मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल गया। पहली पारी में किसी तरह संघर्ष करने वाली बांग्लादेशी टीम दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने टिक ही नहीं पाई।
दूसरी पारी में बांग्लादेश का बैटिंग ऑर्डर हुआ फेल
92 रन से पिछड़ने के बाद बांग्लादेश को दूसरी पारी में मजबूत शुरुआत की जरूरत थी, लेकिन उसके बल्लेबाजों ने निराश कर दिया। टीम के विकेट लगातार गिरते रहे और कोई भी बल्लेबाज पारी को संभालने में सफल नहीं रहा।
बांग्लादेश की ओर से तंजीद हसन ही एकमात्र बल्लेबाज रहे, जिन्होंने 10 रन का आंकड़ा पार किया। उन्होंने टीम के लिए सर्वाधिक 22 रन बनाए। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज दोहरे अंक तक नहीं पहुंच सका।
पूरी टीम सिर्फ 22 ओवर में 54 रन बनाकर पवेलियन लौट गई। इस तरह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI ने बांग्लादेश को पारी और 38 रन से हराकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
बांग्लादेश की दूसरी पारी की बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम के बल्लेबाज क्रीज पर टिकने के लिए संघर्ष करते रहे। न तो कोई बड़ी साझेदारी बन सकी और न ही बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने आक्रामक होकर खेल पाए।
22 साल के गेंदबाज ने मचाई तबाही
बांग्लादेश की दूसरी पारी को तहस-नहस करने में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI के युवा तेज गेंदबाज कैम्पबेल थॉम्पसन की सबसे बड़ी भूमिका रही। महज 22 साल के थॉम्पसन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए बांग्लादेशी बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी।
थॉम्पसन ने दूसरी पारी में 11 ओवर गेंदबाजी की और सिर्फ 25 रन देकर 8 विकेट हासिल किए। उन्होंने इस दौरान दो मेडन ओवर भी डाले। उनकी सटीक लाइन और लेंथ के सामने बांग्लादेशी बल्लेबाज लगातार मुश्किल में नजर आए।
थॉम्पसन ने बांग्लादेश के लगभग पूरे बल्लेबाजी क्रम को अकेले ही ध्वस्त कर दिया। उनके शानदार स्पेल की वजह से बांग्लादेश की पूरी टीम सिर्फ 54 रन पर ढेर हो गई।
रोचिचिओली ने भी दिखाया गेंद का दम
थॉम्पसन के अलावा क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI की ओर से रोचिचिओली ने भी शानदार गेंदबाजी की। उन्होंने दूसरी पारी में 4 ओवर में सिर्फ 6 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किए।
इस तरह बांग्लादेश की दूसरी पारी के सभी 10 विकेट क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI के इन दो गेंदबाजों के नाम रहे। खास बात यह है कि थॉम्पसन और रोचिचिओली दोनों ने अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है।
इसके बावजूद दोनों ने बांग्लादेश जैसी अंतरराष्ट्रीय टीम के खिलाफ जिस तरह की गेंदबाजी की, उसने टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पहली पारी में भी गेंद से चमके थे रोचिचिओली
रोचिचिओली का प्रदर्शन सिर्फ दूसरी पारी तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मुकाबले की पहली पारी में भी बांग्लादेश के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की थी और 6 विकेट अपने नाम किए थे।
यानी पूरे मुकाबले में उन्होंने बांग्लादेशी बल्लेबाजों के लिए लगातार परेशानी खड़ी की। वहीं दूसरी पारी में थॉम्पसन ने मोर्चा संभालते हुए 8 विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी को पूरी तरह बिखेर दिया।
टेस्ट सीरीज से पहले बढ़ी बांग्लादेश की चिंता
बांग्लादेश के लिए यह हार इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि अब टेस्ट सीरीज शुरू होने में ज्यादा समय नहीं बचा है। बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज 13 अगस्त से होगा।
अभ्यास मैच का उद्देश्य खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुकूल ढालना और टीम की कमजोरियों को पहचानना होता है। बांग्लादेश के लिए इस मुकाबले ने उसकी बल्लेबाजी की कमजोरियों को साफ तौर पर सामने ला दिया है।
पहली पारी में मेहदी हसन मिराज के शतक ने टीम को संभाला, लेकिन दूसरी पारी में पूरी बल्लेबाजी सिर्फ 54 रन पर सिमट गई। ऐसे में टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश के शीर्ष और मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर काफी दबाव रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आसान नहीं होगी चुनौती
ऑस्ट्रेलिया की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना किसी भी विदेशी टीम के लिए आसान नहीं माना जाता। तेज और उछाल भरी पिचों पर बल्लेबाजों को तकनीक और धैर्य दोनों की जरूरत होती है। बांग्लादेश के बल्लेबाज अभ्यास मैच की दूसरी पारी में इन दोनों मोर्चों पर कमजोर दिखाई दिए।
हालांकि अभ्यास मैच और टेस्ट मुकाबले में काफी अंतर होता है, लेकिन बांग्लादेश टीम मैनेजमेंट के लिए यह मुकाबला अपनी कमियों को सुधारने का एक बड़ा संकेत जरूर है।
अब टीम की कोशिश होगी कि 13 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले बल्लेबाज अपनी तकनीक पर काम करें और ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार करें। वहीं गेंदबाजी विभाग में बांग्लादेश को मेहदी हसन मिराज जैसे खिलाड़ियों से बड़ी उम्मीदें होंगी।
फिलहाल क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया XI के खिलाफ मिली पारी और 38 रन की हार ने टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश की तैयारियों की पोल खोल दी है। खासकर दूसरी पारी में 54 रन पर पूरी टीम का आउट होना टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गया है।




