
88 वर्ष की उम्र में लिया अंतिम सांस
भारतीय सिनेमा की दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी (S. Janaki), जिन्हें प्यार से ‘जानकी अम्मा’ और ‘नाइटिंगेल ऑफ साउथ इंडिया’ कहा जाता था, का 11 जुलाई 2026 को मैसूर (कर्नाटक) में 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं और अस्पताल में उपचार के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। उनके निधन से भारतीय संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
छह दशक से अधिक का शानदार संगीत सफर
एस. जानकी ने अपने छह दशक से अधिक लंबे करियर में 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में 48,000 से ज्यादा गीत गाए। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, हिंदी, संस्कृत, ओड़िया सहित अनेक भाषाओं में अपनी मधुर आवाज़ का जादू बिखेरा। उनकी बहुमुखी गायकी और भावपूर्ण प्रस्तुति ने उन्हें भारतीय संगीत की महानतम गायिकाओं में शामिल किया।
अनेक पुरस्कारों से हुईं सम्मानित
एस. जानकी को अपने शानदार योगदान के लिए चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार सहित कई राज्य सरकारों के पुरस्कार प्राप्त हुए। वर्ष 2013 में उन्होंने पद्म भूषण सम्मान यह कहते हुए स्वीकार करने से इनकार कर दिया था कि यह सम्मान उन्हें बहुत देर से दिया जा रहा है। यह निर्णय भी उनके व्यक्तित्व की सादगी और आत्मसम्मान का प्रतीक माना गया।
फिल्म जगत ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
उनके निधन पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय, अभिनेता रजनीकांत, कमल हासन, चिरंजीवी, तृषा कृष्णन सहित फिल्म और संगीत जगत की अनेक हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने उन्हें भारतीय संगीत की अपूरणीय क्षति बताते हुए उनकी विरासत को अमर बताया।
संगीत प्रेमियों के दिलों में हमेशा रहेंगी अमर
एस. जानकी की आवाज़ ने कई पीढ़ियों को भावनाओं से जोड़ा। उनकी गाई हजारों अमर रचनाएँ आने वाले वर्षों तक संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेंगी। उनका निधन भारतीय फिल्म संगीत के एक स्वर्णिम युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।




