
नई दिल्ली: देशभर में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लगभग 15 दिनों से दक्षिणी महाराष्ट्र के आसपास ठहरा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब एक बार फिर सक्रिय होने की तैयारी में है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 23 जून के आसपास परिस्थितियां अनुकूल बनने लगी हैं, जिसके बाद मानसून महाराष्ट्र से आगे बढ़ते हुए मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंच सकता है, हालांकि इस बार इसकी एंट्री सामान्य समय से करीब एक सप्ताह देरी से होने की संभावना है।

8 जून से रुका हुआ था मानसून, अब फिर मिलेगी रफ्तार
इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून ने शुरुआत में तेजी दिखाई थी, लेकिन 8 जून के बाद इसकी प्रगति धीमी पड़ गई और यह दक्षिणी महाराष्ट्र के आसपास रुक गया। पिछले करीब दो सप्ताह से मानसून के आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन पा रही थीं। अब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने तथा वातावरण में बदलाव के कारण मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, 23 जून के आसपास मानसून महाराष्ट्र से आगे बढ़ते हुए तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में प्रवेश करेगा। इसके साथ ही मध्य भारत के बड़े क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
दिल्ली वालों को अभी करना होगा थोड़ा और इंतजार
दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों की निगाहें मानसून पर टिकी हुई हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल बनी रहती हैं तो मानसून जुलाई के पहले सप्ताह तक दिल्ली पहुंच सकता है। हालांकि सामान्य तौर पर मानसून जून के अंत तक राजधानी में दस्तक देता है, लेकिन इस बार इसकी गति धीमी पड़ने के कारण लगभग एक सप्ताह की देरी तय मानी जा रही है।
मानसून की देरी के बावजूद मौसम विभाग का मानना है कि राजधानी में प्रवेश के बाद बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ सकती हैं और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलेगी।
पूर्वोत्तर भारत में लगातार बरस रहे बादल
देश के पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई है। कई इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थितियां भी देखने को मिली हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 21 जून को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा असम और मेघालय में भी अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और झारखंड के कई क्षेत्रों में भी पिछले 24 घंटों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मानसून का प्रभाव मजबूत बना हुआ है।
कई राज्यों में अभी भी जारी है हीट वेव का प्रकोप
एक ओर जहां कुछ राज्यों में बारिश राहत लेकर आ रही है, वहीं कई क्षेत्रों में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार—
- तटीय महाराष्ट्र और मध्य महाराष्ट्र में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ में 25 जून तक लू जैसी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं।
- बिहार और तेलंगाना में 21 जून तक हीट वेव जैसी स्थिति जारी रहने की संभावना है।
- मध्य और पूर्वी भारत के कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में तापमान धीरे-धीरे कम होने लगेगा।
मौसम को प्रभावित कर रहे हैं कई सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश के विभिन्न हिस्सों में कई मौसमीय सिस्टम सक्रिय हैं, जो आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित करेंगे।
- उत्तरी पाकिस्तान से सटे जम्मू क्षेत्र के पास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है।
- लक्षद्वीप क्षेत्र के आसपास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है।
- उत्तरी केरल के आसपास भी एक चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
- बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है।
इन सिस्टमों के प्रभाव से देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
तापमान में कब मिलेगी राहत?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 22 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
वहीं—
- तेलंगाना में 21 जून के बाद तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
- महाराष्ट्र के अधिकांश क्षेत्रों में 21 जून के बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक तापमान कम होने की संभावना है।
- बारिश बढ़ने के साथ मध्य भारत और पूर्वी भारत में भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
इन राज्यों में जारी हुआ अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कई राज्यों के लिए अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए हैं।
रेड अलर्ट
- पश्चिम बंगाल
- सिक्किम
इन राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
भारी बारिश का अलर्ट
- असम
- मेघालय
- ओडिशा
- बिहार
- पश्चिम बंगाल
- तमिलनाडु
- केरल
24 जून को भारी बारिश की संभावना
- तेलंगाना
- तटीय महाराष्ट्र
इसके अलावा कर्नाटक, केरल, सिक्किम और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
किसानों और आम लोगों के लिए राहत की खबर
मानसून के दोबारा सक्रिय होने की खबर किसानों के लिए राहत लेकर आई है। कई राज्यों में खरीफ फसलों की बुआई मानसून की गति धीमी पड़ने के कारण प्रभावित हो रही थी। अब बारिश बढ़ने से कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
वहीं, भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को भी आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है। हालांकि मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।




