
स्थान: जालौन | रिपोर्ट:
जालौन पुलिस लाइन में इस वक्त गम और गर्व का मिला-जुला माहौल है। तिरंगे में लिपटे शहीद जवानों के पार्थिव शरीर एक ओर रखे हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके परिजन बिलखते हुए अंतिम दर्शन कर रहे हैं। कोई अपने बेटे को पुकार रहा है, कोई अपने पति को, तो कोई अपने भाई को आखिरी बार देख रहा है। पूरा माहौल शोक से भरा हुआ है।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान उनकी आंखें भी नम नजर आईं। वहीं विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भी परिवारों से मिलकर हर संभव मदद का भरोसा दिया। ASP ईशान सोनी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
पुलिस लाइन में साथी पुलिसकर्मी कतारबद्ध खड़े हैं—जिनके साथ कल तक ड्यूटी की, आज उन्हें अंतिम सलामी देने का समय है। हर चेहरे पर शोक के साथ-साथ अपने साथियों के बलिदान पर गर्व भी साफ झलक रहा है।
बताया जा रहा है कि कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह यह भीषण हादसा हुआ। जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र से एक अपहरण मामले में दबिश देने हरियाणा के नूंह गई पुलिस टीम लौट रही थी, तभी ओवरटेक के दौरान वाहन अनियंत्रित होकर आगे चल रहे वाहन से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही पांच लोगों की जान चली गई।
इस हादसे में उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी प्रदीप कुमार, आरक्षी अशोक कुमार और वादी अमरीक सिंह शहीद हो गए। ये सभी अपहृत बिजेंद्र सिंह की बरामदगी के मिशन पर निकले थे।
अब पुलिस लाइन में अंतिम श्रद्धांजलि की पूरी तैयारी हो चुकी है। कुछ ही पलों में शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
इस दर्दनाक घटना से पूरे जालौन समेत आसपास के जिलों में शोक की लहर है। योगी आदित्यनाथ ने भी गहरा दुख व्यक्त करते हुए शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है।
फिलहाल, पुलिस लाइन में सबसे बड़ा दृश्य यही है—शहीदों की अंतिम विदाई, नम आंखें और भारी दिल… जहां हर कोई अपने जांबाज साथियों को अंतिम सलाम कर रहा है।




