Bhagyank Calculate: डेट ऑफ बर्थ से कैसे निकालें भाग्यांक? जानें मूलांक से कितना है अलग

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अंक ज्योतिष (Numerology) में व्यक्ति की जन्मतिथि का विशेष महत्व माना जाता है। जन्म की तारीख से निकाले गए अंक व्यक्ति के स्वभाव, करियर, रिश्तों और जीवन की दिशा के बारे में संकेत देते हैं। अंक ज्योतिष में सबसे ज्यादा चर्चा मूलांक (Mulank) और भाग्यांक (Bhagyank) की होती है। हालांकि कई लोग इन दोनों को एक ही समझ लेते हैं, जबकि इनका अर्थ और गणना करने का तरीका अलग होता है।

अगर आपको भी अपना मूलांक और भाग्यांक नहीं पता है, तो यहां जानिए इन्हें निकालने का आसान तरीका।

क्या होता है मूलांक?

मूलांक व्यक्ति के जन्म की तारीख से निकाला जाता है। यानी आप जिस दिन जन्मे हैं, वही आपका मूलांक निर्धारित करता है।

उदाहरण

यदि किसी व्यक्ति का जन्म 25 तारीख को हुआ है:

2 + 5 = 7

तो उसका मूलांक 7 होगा।

इसी तरह—

  • 1, 10, 19, 28 = मूलांक 1
  • 2, 11, 20, 29 = मूलांक 2
  • 3, 12, 21, 30 = मूलांक 3

और इसी प्रकार 1 से 9 तक मूलांक निकाले जाते हैं।

क्या होता है भाग्यांक?

भाग्यांक को जीवन पथ अंक (Life Path Number) भी कहा जाता है। इसे जन्मतिथि, जन्म माह और जन्म वर्ष के सभी अंकों को जोड़कर निकाला जाता है।

भाग्यांक निकालने का तरीका

मान लीजिए किसी व्यक्ति की जन्मतिथि है:

25-08-1998

तो गणना होगी:

2 + 5 + 0 + 8 + 1 + 9 + 9 + 8 = 42

अब,

4 + 2 = 6

इस प्रकार उस व्यक्ति का भाग्यांक 6 होगा।

मूलांक और भाग्यांक में क्या अंतर है?

मूलांक भाग्यांक
जन्म की तारीख से निकाला जाता है पूरी जन्मतिथि से निकाला जाता है
व्यक्तित्व और स्वभाव बताता है जीवन की दिशा और अवसरों को दर्शाता है
1 से 31 तारीख के आधार पर निर्धारित दिन, महीना और वर्ष के योग से निर्धारित
व्यक्ति की आंतरिक प्रकृति दर्शाता है जीवन के बड़े उद्देश्यों और भाग्य को दर्शाता है

अंक ज्योतिष में क्यों है महत्व?

अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक व्यक्ति के व्यवहार, सोच और व्यक्तित्व को प्रभावित करता है, जबकि भाग्यांक जीवन में मिलने वाले अवसरों, चुनौतियों और सफलता के रास्ते को दर्शाता है। इसलिए किसी व्यक्ति का संपूर्ण अंक विश्लेषण करने के लिए दोनों अंकों को देखा जाता है।

कैसे जानें अपना भाग्यांक?

बस अपनी पूरी जन्मतिथि के सभी अंकों को जोड़ें और अंत में उसे एक अंक (1 से 9) में बदल दें। यही आपका भाग्यांक होगा।

निष्कर्ष

मूलांक और भाग्यांक दोनों ही अंक ज्योतिष के महत्वपूर्ण आधार हैं। मूलांक आपके व्यक्तित्व की पहचान कराता है, जबकि भाग्यांक जीवन की दिशा और संभावनाओं के बारे में संकेत देता है। यदि आप अंक ज्योतिष में रुचि रखते हैं, तो सबसे पहले अपना मूलांक और भाग्यांक जरूर निकालें।

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