Sweet Pickle : आम का मीठा अचार बनाने की आसान विधि, सालों तक नहीं होगा खराब

भारतीय खानपान में अचार का अपना एक अलग और खास स्थान है। चाहे दाल-चावल हो, पराठे हों या फिर साधारण भोजन, अचार खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देता है। भारत के लगभग हर क्षेत्र में अलग-अलग तरह के अचार बनाए जाते हैं और पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक रेसिपियां आज भी लोगों के दिलों में खास जगह रखती हैं। खासकर गर्मियों के मौसम में जब बाजार में कच्चे आम की भरमार होती है, तब घरों में आम का अचार बनाने की तैयारियां शुरू हो जाती हैं।

अधिकतर घरों में नमकीन, मसालेदार और तेल वाला आम का अचार बनाया जाता है, लेकिन पुराने समय में दादी-नानी आम से कई तरह के अचार तैयार करती थीं। इनमें मीठा आम का अचार भी शामिल था, जिसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि एक बार खाने के बाद लोग बार-बार इसे बनाने की इच्छा रखते हैं। खास बात यह है कि यह अचार स्वादिष्ट होने के साथ-साथ लंबे समय तक सुरक्षित भी रहता है। यदि सही तरीके से बनाया और स्टोर किया जाए तो इसका स्वाद महीनों तक बरकरार रहता है।

क्यों खास है मीठा आम का अचार?

मीठा आम का अचार सामान्य अचारों से थोड़ा अलग होता है। इसमें तीखे और मसालेदार स्वाद के साथ मिठास का अनोखा मेल देखने को मिलता है। पारंपरिक रेसिपी में चीनी या गुड़ के बजाय मिश्री का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे अचार का स्वाद और भी बेहतर हो जाता है। मिश्री से बनी चाशनी न केवल स्वाद को बढ़ाती है बल्कि अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी मदद करती है।

पुराने समय में घर की महिलाएं इस अचार को विशेष अवसरों और त्योहारों के लिए भी तैयार करती थीं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोगों को इसका स्वाद पसंद आता था। यही वजह है कि आज भी कई परिवारों में यह पारंपरिक रेसिपी बड़े गर्व के साथ आगे बढ़ाई जा रही है।

मीठा आम का अचार बनाने के लिए सामग्री

  • 1 किलो कच्चे आम
  • 800 ग्राम धागे वाली मिश्री
  • 1 कप पानी
  • 1 छोटी चम्मच इलायची पाउडर
  • स्वादानुसार सेंधा नमक
  • स्वादानुसार काला नमक
  • 1 छोटी चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर
  • 1 चम्मच गरम मसाला
  • 1 चम्मच सौंफ पाउडर
  • 1 चम्मच सौंठ पाउडर
  • आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर
  • कुछ बूंदें नींबू का रस

पहला चरण: आम की तैयारी

मीठा आम का अचार बनाने के लिए सबसे पहले अच्छे और ताजे कच्चे आम चुनें। आमों को अच्छी तरह धोकर कुछ समय के लिए पानी में भिगोकर रखें। इसके बाद उन्हें साफ कपड़े से पूरी तरह सुखा लें। ध्यान रखें कि आम पर जरा भी नमी नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि नमी अचार को जल्दी खराब कर सकती है।

अब आम को छील लें और लंबाई में पतले टुकड़ों में काट लें। कटे हुए आम के टुकड़े अचार में स्वाद और बनावट दोनों को बेहतर बनाते हैं।

दूसरा चरण: आम को हल्का पकाना

एक बड़ी कड़ाही में इतना पानी डालें कि आम के टुकड़े उसमें आसानी से डूब जाएं। अब आम को मीडियम आंच पर कुछ देर तक पकाएं। आम को पूरी तरह गलाना नहीं है, बल्कि सिर्फ इतना पकाना है कि वह हल्के नरम हो जाएं।

जब आम थोड़ा सॉफ्ट हो जाए तो गैस बंद कर दें और आम को छानकर अलग निकाल लें। अब किसी साफ सूती कपड़े पर आम के टुकड़ों को फैला दें और उन्हें सूखने दें। बेहतर परिणाम के लिए 1 से 2 घंटे तक हल्की धूप में रखें। यदि धूप उपलब्ध न हो तो पंखे की हवा में भी सुखाया जा सकता है।

तीसरा चरण: मिश्री की चाशनी तैयार करें

इस रेसिपी का सबसे बड़ा राज मिश्री की चाशनी है। पुराने समय में दादी-नानी चीनी की जगह धागे वाली मिश्री का इस्तेमाल करती थीं, जिससे अचार का स्वाद बेहद खास बनता था।

इसके लिए 800 ग्राम धागे वाली मिश्री को हल्का कूट लें। अब एक कड़ाही में 1 कप पानी डालकर मिश्री मिलाएं और धीमी आंच पर पकाएं। जब मिश्री पूरी तरह घुल जाए तो मिश्रण को छान लें, ताकि उसमें मौजूद धागे और अन्य अशुद्धियां निकल जाएं।

इसके बाद चाशनी को दोबारा गैस पर चढ़ाएं और मध्यम आंच पर पकाएं। चाशनी को जमने से रोकने के लिए उसमें 2-4 बूंद नींबू का रस या नींबू का छोटा टुकड़ा डाल दें। यह दादी-नानी का खास नुस्खा माना जाता है।

चौथा चरण: मसालों का जादू

जब चाशनी थोड़ी गाढ़ी होने लगे तो उसमें इलायची पाउडर डालें और एक तार की चाशनी तैयार करें। अब सूखे हुए आम के टुकड़ों को चाशनी में डाल दें।

आम को चाशनी में डालने के बाद लगभग 5 से 7 मिनट तक पकाएं। इस दौरान आम थोड़ा पानी छोड़ता है, जिससे चाशनी का स्वाद आम में अच्छी तरह समा जाता है।

अब इसमें सेंधा नमक और काला नमक स्वादानुसार मिलाएं। साथ ही कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालें, जिससे अचार में हल्का तीखापन और आकर्षक रंग आएगा।

पांचवां चरण: अंतिम स्वाद

अब अचार में गरम मसाला, सौंफ पाउडर, सौंठ पाउडर और काली मिर्च पाउडर डालें। सभी मसालों को अच्छी तरह मिलाकर कुछ देर और पकाएं।

ध्यान रखें कि चाशनी दोबारा एक तार की स्थिति में आ जाए। यही सही समय है जब गैस बंद कर देनी चाहिए। ज्यादा पकाने से चाशनी बहुत गाढ़ी हो सकती है और अचार का स्वाद प्रभावित हो सकता है।

स्टोर करने का सही तरीका

जब अचार पूरी तरह ठंडा हो जाए, तब इसे साफ और सूखे कांच के जार में भर लें। जार में किसी प्रकार की नमी नहीं होनी चाहिए। अचार निकालने के लिए हमेशा सूखे और साफ चम्मच का उपयोग करें।

यदि इन बातों का ध्यान रखा जाए तो यह मीठा आम का अचार लंबे समय तक खराब नहीं होता और महीनों तक इसका स्वाद बरकरार रहता है।

दादी-नानी का खास राज

इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत मिश्री से बनी चाशनी और मसालों का संतुलित मिश्रण है। मिश्री अचार को प्राकृतिक मिठास देती है, जबकि नींबू का रस चाशनी को क्रिस्टलाइज होने से बचाता है। यही कारण है कि पुराने समय में बनाए गए अचार लंबे समय तक स्वादिष्ट और सुरक्षित बने रहते थे।

अगर आप भी हर साल एक जैसा नमकीन आम का अचार बनाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार दादी-नानी की पारंपरिक रेसिपी से मीठा आम का अचार जरूर बनाएं। इसका अनोखा स्वाद आपके भोजन को खास बना देगा और परिवार के सभी सदस्य इसे चाव से खाएंगे।

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