टॉप न्यूज़राजनीति

Opposition Protest : काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद, छात्र मुद्दों पर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद, छात्र मुद्दों पर सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन

नई दिल्ली: छात्र आंदोलनों पर कथित पुलिस कार्रवाई, परीक्षा पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर बुधवार को संसद परिसर में विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समेत कई विपक्षी दलों के सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और मकर द्वार के सामने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

विपक्षी सांसदों ने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों का भविष्य संकट में डाल दिया है। इसके साथ ही बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाए और सरकार से छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।

काले कपड़ों में विरोध दर्ज कराने की रणनीति

कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने बताया कि काले कपड़े पहनने का फैसला मंगलवार को राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में लिया गया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक और जनप्रतिनिधि का अधिकार है, लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और यहां जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए। यदि छात्रों, युवाओं और बेरोजगारी जैसे गंभीर विषयों पर सरकार जवाब देने से बचती है तो विपक्ष शांत नहीं बैठेगा।

पेपर लीक और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद संजय यादव ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी कई दशकों के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी है और सरकार इस गंभीर समस्या का समाधान करने में विफल रही है।

संजय यादव ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग कर रहे छात्रों पर दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप था कि सरकार युवाओं के भविष्य की बजाय विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने पर अधिक ध्यान दे रही है।

मंगलवार को हिरासत में लिए गए थे कई नेता

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार को हुए विपक्ष के विरोध प्रदर्शन से हुई थी। कांग्रेस नेताओं ने राजाजी मार्ग से लोक कल्याण मार्ग तक मार्च निकालकर कथित परीक्षा पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने, छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।

मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। बाद में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया। विपक्ष ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की।

प्रियंका गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

रिहाई के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “वे डरे हुए हैं। हम उनसे नहीं डरते, बल्कि वे हमसे डरते हैं।” प्रियंका का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से जनता के मुद्दे उठाता रहेगा और सरकार के दबाव में नहीं आएगा।

सोनिया गांधी भी पहुंचीं पुलिस स्टेशन

मंगलवार को प्रियंका गांधी की हिरासत की सूचना मिलने के बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचीं। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा समेत कई वरिष्ठ नेता प्रदर्शन में मौजूद रहे।

इसके अलावा केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी प्रदर्शन में शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय विरोध प्रदर्शनों को रोकने की कोशिश कर रही है।

कई राज्यों में भी हुआ विरोध प्रदर्शन

दिल्ली के अलावा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी, जबलपुर, भुवनेश्वर सहित कई शहरों में भी प्रदर्शन किए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और छात्रों के साथ कथित अन्याय को समाप्त करने की मांग की।

क्या है पूरा मामला?

विवाद की शुरुआत सोमवार को छात्र संगठन CJP के ‘संसद चलो’ प्रदर्शन से हुई थी। प्रदर्शन के दौरान मध्य दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी, जिसके बाद कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए, जबकि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अब तक अलग-अलग स्तर पर प्रतिक्रिया दी गई है।

अब संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर सियासी टकराव तेज हो गया है। विपक्ष आने वाले दिनों में भी छात्रों, शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। वहीं, संसद के मानसून सत्र के दौरान इस विषय पर जोरदार बहस होने की संभावना भी जताई जा रही है।

Related Articles

Back to top button