
तमिलनाडु विधानसभा में गुरुवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब राज्य की कानून-व्यवस्था और अपराध से जुड़े मुद्दों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए। जवाब में मुख्यमंत्री विजय ने विपक्ष को भरोसा दिलाया कि सदन में उठाए गए सभी सवालों का वह विस्तार से जवाब देंगे। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से अपील की कि जब वह जवाब देने के लिए सदन में आएं तो कोई भी सदस्य बीच में उठकर बाहर न जाए।
उदयनिधि स्टालिन ने सरकार को घेरा
विधानसभा में चर्चा के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने नशीले पदार्थों के प्रसार को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि मौजूदा सरकार लगातार पिछली सरकार की नीतियों और कार्रवाई पर सवाल खड़े करती रही है।
उदयनिधि ने सरकार से यह भी पूछा कि अगर पिछली सरकार के दौरान ड्रग्स के खिलाफ उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं थे, तो उस समय संबंधित विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पदोन्नति क्यों दी गई। उन्होंने अपराध के आंकड़ों और बच्चों से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में बढ़ोतरी का भी मुद्दा उठाया।
विपक्ष के नेता ने दावा किया कि पिछली सरकार ने पीड़ितों की सहायता और ऐसे मामलों में कार्रवाई के लिए विशेष व्यवस्था और मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की थी। इसके साथ ही उन्होंने विरोध-प्रदर्शनों और छात्र आंदोलनों को लेकर भी सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
मुख्यमंत्री विजय ने दिया जवाब
विपक्ष के लगातार आरोपों के बीच मुख्यमंत्री विजय अपनी सीट से उठे और विधानसभा अध्यक्ष के माध्यम से विपक्ष को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सदन में जितने भी सवाल उठाए जा रहे हैं, वे सभी सवालों का जवाब सोमवार को विस्तार से देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह सदन में मौजूद न भी हों, तब भी उन्हें यह जानकारी मिलती रहेगी कि विपक्ष की ओर से कौन-कौन से सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सवाल को अनदेखा नहीं किया जाएगा और सभी मुद्दों पर जवाब दिया जाएगा।
‘जब मैं जवाब दूं तो बाहर मत जाना’
मुख्यमंत्री विजय ने विपक्ष से खास तौर पर अपील करते हुए कहा कि जब वह सदन में आकर इन सवालों का जवाब दें, तब विपक्षी सदस्य अपनी सीटों पर मौजूद रहें। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि विपक्ष उनके जवाब को पूरा सुने और उस दौरान कोई सदस्य सदन से बाहर न जाए।
हालांकि, मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई। उदयनिधि स्टालिन ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री इन्हीं मुद्दों पर उसी दिन जवाब देंगे, लेकिन अब जवाब सोमवार को देने की बात कही गई है।

तमिलनाडु विधानसभा की यह बहस ऐसे समय में हुई है, जब कानून-व्यवस्था, नशीले पदार्थों की रोकथाम, अपराध और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे मुद्दे राज्य की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस टकराव ने विधानसभा की कार्यवाही को खासा राजनीतिक रंग दे दिया।



