टॉप न्यूज़राजनीति

Punjab SIR : राघव चड्ढा की राज्यसभा सदस्यता पर संकट या नहीं, पंजाब एसआईआर में नाम कटने से उठे सवाल

राघव चड्ढा की राज्यसभा सदस्यता पर संकट? पंजाब SIR में नाम कटा, जानिए क्या कहता है कानून

नई दिल्ली: पंजाब में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए जाने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। मतदाता सूची में चड्ढा के नाम के सामने उन्हें ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ यानी ‘Permanently Shifted’ बताया गया है। इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या पंजाब की वोटर लिस्ट से नाम हटने का असर उनकी राज्यसभा सदस्यता पर भी पड़ सकता है?

क्या सच में चली जाएगी राज्यसभा की कुर्सी?

फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। इसकी सबसे अहम वजह यह है कि अभी पंजाब की SIR के तहत जारी सूची ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है। यानी इसमें नाम हटने या किसी गलती के खिलाफ दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया अभी बाकी है। चड्ढा ने भी कहा है कि वह अपना नाम दोबारा दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाएंगे।

हालांकि, मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्यसभा का चुनाव लड़ने और सदस्य बने रहने के लिए कानून में मतदाता के रूप में पंजीकरण से जुड़ी पात्रता निर्धारित है। जनप्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 3 के तहत राज्यसभा सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का भारत के किसी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत होना जरूरी है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति का नाम किसी एक राज्य की मतदाता सूची से हटता है, तो यह देखना जरूरी होता है कि क्या वह देश के किसी अन्य संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में वैध रूप से मतदाता के रूप में पंजीकृत है।

पंजाब SIR में चड्ढा का नाम क्यों हुआ डिलीट?

पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूची में चड्ढा को ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ श्रेणी में रखा गया है। चड्ढा का कहना है कि उनका मतदाता पंजीकरण मोहाली में था और नाम हटाया जाना महज प्रशासनिक या तकनीकी गलती नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़ते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

दूसरी ओर, AAP और पंजाब सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया है और इसमें राज्य सरकार की भूमिका नहीं है। AAP की ओर से यह भी सवाल उठाया गया है कि चड्ढा दिल्ली की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं।

अब आगे क्या होगा?

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ड्राफ्ट सूची से नाम हटना और अंतिम रूप से मतदाता सूची से बाहर होना एक ही बात नहीं है। चड्ढा दावा और आपत्ति की प्रक्रिया के जरिए अपना नाम वापस दर्ज करा सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

इसलिए फिलहाल राघव चड्ढा की राज्यसभा सदस्यता खत्म होने की बात कहना सही नहीं होगा। अगर वह किसी वैध निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत रहते हैं, तो केवल पंजाब की ड्राफ्ट सूची से नाम हटने के आधार पर उनकी राज्यसभा सदस्यता अपने आप समाप्त नहीं हो जाती। असली कानूनी स्थिति अंतिम मतदाता पंजीकरण और लागू संवैधानिक व वैधानिक प्रावधानों पर निर्भर करेगी।

Related Articles

Back to top button