
देश की प्रमुख हेल्थकेयर सेवा प्रदाता मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेस (Manipal Health Enterprises) का बहुप्रतीक्षित ₹9,275 करोड़ का इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) बुधवार, 29 जुलाई से निवेशकों के लिए खुल गया है। कंपनी का यह आईपीओ 31 जुलाई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। हेल्थकेयर सेक्टर के इस बड़े इश्यू को लेकर निवेशकों के बीच अच्छी दिलचस्पी देखी जा रही है।

कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹560 से ₹590 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। वहीं, कर्मचारियों के लिए प्रति शेयर ₹56 का विशेष डिस्काउंट दिया गया है। यह इश्यू बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) के मेनबोर्ड प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होगा।
₹9,275 करोड़ के आईपीओ का पूरा स्ट्रक्चर
मणिपाल हेल्थ का कुल आईपीओ ₹9,275 करोड़ का है, जिसमें दो हिस्से शामिल हैं।
- ₹8,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू, जिसके तहत 13,55,93,220 नए शेयर जारी किए जाएंगे।
- ₹1,275 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS), जिसके तहत प्रमोटर 2,16,13,834 शेयर बेचेंगे।
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली राशि का उपयोग कंपनी अपने विस्तार, कर्ज कम करने और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए करेगी।
रिटेल निवेशकों को कितना करना होगा निवेश?
इस आईपीओ में एक लॉट में 25 शेयर शामिल हैं। ऊपरी प्राइस बैंड ₹590 प्रति शेयर के हिसाब से एक लॉट खरीदने के लिए ₹14,750 का निवेश करना होगा।
रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट (325 शेयर) के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें लगभग ₹1,91,750 का निवेश करना होगा।
महत्वपूर्ण तारीखें
- आईपीओ खुलने की तारीख: 29 जुलाई
- आईपीओ बंद होने की तारीख: 31 जुलाई
- शेयर अलॉटमेंट: 3 अगस्त
- डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट: 4 अगस्त
- रिफंड की प्रक्रिया: 4 अगस्त
- शेयर बाजार में लिस्टिंग: 5 अगस्त
GMP क्या संकेत दे रहा है?
ग्रे मार्केट में फिलहाल मणिपाल हेल्थ के शेयरों का प्रदर्शन पहले की तुलना में कमजोर दिखाई दे रहा है।
बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 29 जुलाई को कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹10 प्रति शेयर के आसपास चल रहा है। इससे पहले 24 जुलाई को यही GMP ₹35 प्रति शेयर तक पहुंच गया था। इसके बाद लगातार गिरावट दर्ज की गई है।
मौजूदा GMP के आधार पर संभावित लिस्टिंग लगभग 1.69% प्रीमियम पर होने का संकेत मिलता है। हालांकि, ग्रे मार्केट कोई आधिकारिक संकेतक नहीं होता और इसमें अंतिम लिस्टिंग तक लगातार उतार-चढ़ाव संभव है।
निवेशकों के लिए क्या है अहम?
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले केवल GMP के आधार पर निर्णय नहीं लेना चाहिए। कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की मजबूती, भविष्य की विकास योजनाएं, वैल्यूएशन और हेल्थकेयर सेक्टर की संभावनाओं का भी सावधानीपूर्वक विश्लेषण करना जरूरी है।
मणिपाल हेल्थ देश की प्रमुख निजी हेल्थकेयर कंपनियों में शामिल है और अस्पतालों के बड़े नेटवर्क के साथ अपनी मजबूत मौजूदगी रखती है। ऐसे में यह आईपीओ लंबी अवधि के निवेशकों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
Disclaimer: यह खबर केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है। शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।



