पटना: बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। राज्य के कई हिस्सों में रविवार (31 मई 2026) को तेज आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिमी बिहार के 11 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं से राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी। अगले तीन से चार दिनों के भीतर तापमान में तेज बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी और कई जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार इस समय दो अलग-अलग मौसमी परिस्थितियों का सामना कर रहा है। एक ओर पश्चिमी और मध्य जिलों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बढ़ने लगा है, जो आने वाले दिनों में भीषण गर्मी का कारण बनेगा।
इन 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने पश्चिमी बिहार के जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, उनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर (भभुआ), अरवल और औरंगाबाद शामिल हैं।
इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। साथ ही कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की घटनाएं हो सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है क्योंकि बिहार में हर वर्ष प्री-मानसून सीजन के दौरान बिजली गिरने से कई लोगों की जान चली जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में काम कर रहे किसानों, खुले मैदानों में मौजूद लोगों और यात्रा कर रहे नागरिकों को मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाना चाहिए।
पटना समेत कई जिलों में येलो अलर्ट
राजधानी पटना सहित राज्य के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, नालंदा, जहानाबाद और आसपास के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
येलो अलर्ट का मतलब है कि मौसम सामान्य से अधिक सक्रिय रह सकता है और कुछ स्थानों पर तेज हवाएं, गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि इन क्षेत्रों में खतरे का स्तर ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों की तुलना में कम माना गया है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि शाम और रात के समय मौसम गतिविधियां ज्यादा प्रभावी हो सकती हैं, जिससे अचानक मौसम बिगड़ने की संभावना बनी रहेगी।
उत्तर-पूर्वी बिहार में रहेगा सामान्य मौसम
राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने की संभावना है। सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार और मधेपुरा जैसे जिलों में मौसम विभाग ने किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है।
इन क्षेत्रों में आसमान आंशिक रूप से साफ रहेगा और बारिश की संभावना बेहद कम है। हालांकि स्थानीय स्तर पर हल्के बादल देखे जा सकते हैं, लेकिन किसी बड़े मौसमीय बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
बारिश के बाद बढ़ेगी गर्मी की मार
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में होने वाली बारिश और आंधी लोगों को लंबे समय तक राहत नहीं दे पाएगी। विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में पूरे बिहार में तापमान तेजी से बढ़ेगा।
विशेष रूप से दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों—बक्सर, भोजपुर, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद—में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिलेगा। वर्तमान में इन क्षेत्रों का अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, लेकिन 2 जून से इसमें 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2 जून के बाद कई जिलों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में लोगों को हीटवेव जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
क्यों बढ़ रही है गर्मी?
विशेषज्ञों के अनुसार बिहार में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ने और नमी वाली हवाओं की कमी के कारण मौसम तेजी से शुष्क हो रहा है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत से आने वाली गर्म हवाएं भी बिहार के तापमान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जून के पहले सप्ताह में सूर्य की तीव्रता भी अधिक रहती है, जिसके कारण दिन के समय जमीन तेजी से गर्म होती है। यही वजह है कि मानसून आने से पहले बिहार में गर्मी का एक और तीखा दौर देखने को मिल सकता है।
2 जून से 5 जून तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी के अनुसार 2 जून से 5 जून के बीच पूरे बिहार में मौसम काफी हद तक साफ रहेगा। इस दौरान राज्य के किसी भी जिले के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।
आसमान साफ रहने के कारण धूप की तीव्रता बढ़ेगी और दिन के तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जाएगी। बारिश की संभावना बेहद कम रहेगी, जिससे वातावरण में उमस और गर्मी दोनों बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए।
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें। आंधी और बिजली की आशंका को देखते हुए खेतों में काम करने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें।
वहीं आम लोगों के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं—
- तेज आंधी और बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
- बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों और टावरों से दूर रहें।
- खराब मौसम के समय पक्के भवनों में शरण लें।
- मोबाइल फोन चार्जिंग या बिजली से जुड़े उपकरणों का उपयोग सावधानीपूर्वक करें।
- घरों में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- कच्चे मकानों और टीन शेड के नीचे खड़े होने से बचें।
- गर्मी बढ़ने पर अधिक पानी पिएं और धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखें।
मानसून का इंतजार
बिहार के लोग अब दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यदि मानसून की प्रगति सामान्य रही तो जून के दूसरे पखवाड़े में बिहार के अधिकांश हिस्सों में मानसून प्रवेश कर सकता है। तब तक राज्य को आंधी, गरज-चमक और भीषण गर्मी के मिश्रित मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर बनाए रखने की अपील की है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।
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