बुलंदशहर में तीन अपराधी जिला बदर
बुलंदशहर। जिले में अपराध पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में थाना अनूपशहर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को जिला बदर कर दिया। प्रशासन के आदेश के बाद पुलिस ने ढोल बजाकर मुनादी कराते हुए आरोपियों को जिले की सीमा से बाहर जाने की चेतावनी दी।
जानकारी के अनुसार, अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के जिनाई गांव के रहने वाले तीन आरोपियों—जीता, अशोक और गौरव—के खिलाफ हत्या, मारपीट, छेड़छाड़ और बलवा जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन आरोपियों की लगातार आपराधिक गतिविधियों और क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
जिलाधिकारी श्रुति के आदेश के बाद थाना अनूपशहर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई लागू कर दी। आदेश के अनुसार, तीनों आरोपियों को छह माह की अवधि के लिए बुलंदशहर जिले की सीमा छोड़ने का निर्देश दिया गया है। पुलिस ने गांव में ढोल बजाकर मुनादी कराई और लोगों को भी इस आदेश की जानकारी दी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन आरोपियों के खिलाफ लंबे समय से गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और उनकी गतिविधियों से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था। स्थानीय लोगों की शिकायतों और पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके बाद जिला बदर की कार्रवाई का आदेश जारी किया गया।
मुनादी के दौरान पुलिस टीम गांव जिनाई पहुंची और सार्वजनिक रूप से आदेश पढ़कर सुनाया। पुलिस ने साफ कर दिया कि अगर आदेश का उल्लंघन करते हुए आरोपी जिले की सीमा में पाए गए तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन आरोपियों की गतिविधियों से गांव में लंबे समय से परेशानी का माहौल था। प्रशासन की इस कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और मजबूत होगी।
पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इसके साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति जिला बदर किए गए आरोपियों को जिले में देखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दे, ताकि कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
प्रशासन का मानना है कि जिला बदर जैसी कार्रवाई से अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ता है और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलती है।



