टॉप न्यूज़विदेश

Gaza Building Collapse : गाजा में जर्जर इमारत ढहने से 11 बच्चों समेत 21 लोगों की मौत, सऊदी अरब सतर्क

गाजा में जर्जर इमारत ढहने से बड़ा हादसा, 11 बच्चों समेत 21 लोगों की मौत; सऊदी अरब ने बढ़ाई हवाई सुरक्षा

गाजा सिटी में बुधवार को एक जर्जर इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 11 बच्चे भी शामिल हैं। यह इमारत युद्ध के दौरान विस्थापित हुए फिलीस्तीनी परिवारों के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। हादसे में कम से कम 14 लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया गया।

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता जाहेर अल-वहीदी के अनुसार, ढही इमारत पहले से ही कमजोर स्थिति में थी। युद्ध के शुरुआती दौर में हुए इजराइली हमले के दौरान इमारत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि, बुधवार को इमारत के अचानक गिरने की तत्काल कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। अधिकारियों की ओर से घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

युद्ध के बाद खंडहर में तब्दील हुआ गाजा

गाजा में लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण हजारों इमारतें या तो पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हैं। बड़ी संख्या में परिवारों को अपने घर छोड़कर अस्थायी ठिकानों में रहना पड़ रहा है। युद्धविराम के करीब एक साल बाद भी व्यापक स्तर पर पुनर्निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है।

इजराइल का कहना है कि गाजा में बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण की अनुमति हमास के निरस्त्रीकरण के बाद ही दी जाएगी। दूसरी ओर, लगातार क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे के कारण आम लोगों के सामने आवास, स्वास्थ्य और मानवीय सहायता से जुड़ी गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं।

मक्का के हवाई क्षेत्र में ड्रोन का खतरा

इसी बीच मध्य पूर्व में तनाव के बीच सऊदी अरब ने अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सहयोगी देशों से मदद मांगी है। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार शाम एक ड्रोन ने मक्का के हवाई क्षेत्र की ओर प्रवेश करने की कोशिश की, जिसे सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने समय रहते रोककर नष्ट कर दिया।

सऊदी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने कहा कि मक्का की सुरक्षा देश के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि सऊदी बल किसी भी शत्रुतापूर्ण या आतंकवादी गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।

सऊदी अरब ने ड्रोन हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, हूती विद्रोहियों ने इस आरोप को खारिज किया है। मक्का इस्लाम का सबसे पवित्र शहर है और यहां काबा स्थित है, जिसकी ओर दुनिया भर के मुसलमान नमाज के दौरान रुख करते हैं।

फ्रांस, ब्रिटेन और पाकिस्तान से मांगी मदद

क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, सऊदी अरब ने अपनी मिसाइल रोधी और हवाई सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से सहायता तैनात करने का अनुरोध किया है। अधिकारियों ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

एक अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका के पास भी मिसाइल रोधी इंटरसेप्टर की उपलब्धता पर दबाव है। ऐसे में सऊदी अरब ने अपने अन्य सहयोगी देशों से सहायता लेने का रास्ता अपनाया है।

यमन में मानवीय संकट की चेतावनी

दूसरी ओर, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने यमन में बढ़ते मानवीय संकट को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि संघर्ष के कारण एक लाख से अधिक लोग विस्थापित होकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में पहुंच गए हैं। इससे कुपोषण और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।

टेड्रोस के मुताबिक पश्चिमी तट पर विस्थापन की स्थिति विशेष रूप से गंभीर है। यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष जारी है। सऊदी अरब यमनी सरकार के समर्थन में इस संघर्ष में शामिल रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि मानवीय सहायता की पहुंच अभी बेहद सीमित है। इसके अलावा राहत अभियानों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं होने से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने और अभियान का विस्तार करने में मुश्किलें आ रही हैं।

Related Articles

Back to top button