
रायबरेली। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। भदोखर थाना क्षेत्र के सुलाखियापुर निवासी प्रदीप कुमार ने आरोप लगाया है कि वे अपने बीमार भतीजे को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए थे, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और लूटपाट की वारदात हो गई।
पीड़ित प्रदीप कुमार का कहना है कि 1 सितंबर की रात लगभग 8:30 बजे वे अपने भतीजे को लेकर अग्रिम अस्पताल (नेहरू नगर, रायबरेली) पहुंचे थे। जल्दबाज़ी में उन्होंने अस्पताल के सामने सर्वेश्वरी डेंटल क्लीनिक के पास अपनी बाइक खड़ी कर दी। इसी बात पर विवाद खड़ा हो गया।
आरोप है कि डॉ. प्रभात कुमार यादव, डॉ. आर.के. यादव, डॉ. एच.पी. यादव समेत तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उनसे झगड़ा किया और जातिसूचक गालियां देते हुए लात-घूसों से मारपीट की। प्रदीप कुमार का आरोप है कि इस दौरान उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए और इलाज के लिए रखे गए करीब 10 हज़ार रुपये भी गायब हो गए।
पुलिस पर भी लगे गंभीर आरोप
पीड़ित का कहना है कि घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन न्याय दिलाने की जगह उन्हें इंदिरा नगर चौकी ले जाकर पूरी रात बैठाए रखा। प्रदीप कुमार ने आरोप लगाया कि चौकी पुलिस ने उन पर हमलावरों से जबरन समझौता करने का दबाव बनाया। किसी तरह वे वहां से निकलकर कोतवाली पहुंचे, लेकिन वहां भी घंटों उन्हें बिठाए रखा गया और कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित ने की न्याय की मांग
प्रदीप कुमार ने मामले की लिखित शिकायत सदर कोतवाली थाना अध्यक्ष को सौंप दी है और हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना ने न सिर्फ उनकी आर्थिक और मानसिक स्थिति को प्रभावित किया है, बल्कि इससे आम लोगों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा होता है।
घटना से आक्रोश
इस घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल आने वाले तीमारदार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो आम मरीज और उनके परिवार किस तरह इलाज के लिए निश्चिंत होकर अस्पताल आ पाएंगे।
📌 बाइट:
प्रदीप कुमार (पीड़ित) – “मैं अपने बीमार भतीजे को इलाज के लिए लाया था, लेकिन डॉक्टरों और उनके साथियों ने मुझ पर हमला कर दिया। मेरे पैसे भी गायब हो गए। पुलिस भी आरोपियों पर कार्रवाई करने की जगह मुझसे जबरन समझौता कराने का दबाव डाल रही थी। मैं प्रशासन से न्याय की गुहार लगाता हूं।”




