तस्कर मुनाफे के लिए लोगों की जिंदगी से खेल रहे हैं। वो दिल्ली व बिहार से तस्करी कर थोक में ऑक्सीटासिन का इंजेक्शन लाते हैं। 20 रुपये में 100 मिली लीटर की दर से खरीदते हैं। इसके बाद इसमें मिलावट कर अपने गिरोह के लोगों को 80 रुपये में बेचते हैं।

ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की तस्करी दिल्ली और बिहार से की जा रही है। मुनाफे के लालच में तस्कर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। थोक में तस्कर 20 रुपये में 100 मिली लीटर की दर से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन खरीदते हैं। इसके बाद इसमें मिलावट कर अपने गिरोह के लोगों को 80 रुपये में बेचते हैं। गिरोह के सदस्य फुटकर में किसानों और डेयरी संचालकों को यही इंजेक्शन दो सौ रुपये में सप्लाई करते हैं।
एसटीएफ की पड़ताल में सामने आया है कि लखनऊ के अलावा, सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, बलरामपुर, बहराइच, उन्नाव समेत आसपास के कई जिलों में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की कालाबाजारी हो रही है। सब्जी और फलों में इसका ज्यादा दुरुपयोग हो रहा है। किसान सब्जियों और फलों का आकार बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, पशुपालक गाय और भैंस को इंजेक्शन लगाकर दूध निकाल रहे हैं। इससे लोगों के हार्मोंस पर प्रभाव पड़ रहा है।




