
सुमेरपुर विराट हिंदू सम्मेलन
हमीरपुर जनपद के सुमेरपुर कस्बे में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में संत-महात्माओं ने हिंदू समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया। सम्मेलन में समाज में बढ़ती कुरीतियों, धर्मांतरण और सामाजिक अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। मुख्य अतिथि अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास महाराज ने बच्चों को बचपन से ही धर्म और संस्कारों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। सम्मेलन के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें सनातन संस्कृति की झलक देखने को मिली।
सुमेरपुर कस्बे के रामलीला मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन की शुरुआत भगवान श्रीराम के उद्बोधन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता और हिंदू संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि यदि हिंदू समाज समय रहते एकजुट नहीं हुआ, तो आने वाली पीढ़ी को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को बचपन से ही सनातन धर्म, संस्कार और संस्कृति की शिक्षा देना बेहद आवश्यक है, ताकि वे अपने धर्म और परंपराओं को समझ सकें।
महंत राजूदास महाराज ने समाज से जातिगत भेदभाव को समाप्त कर एकजुट होने की अपील की। साथ ही उन्होंने लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण और बढ़ते सामाजिक अपराधों पर चिंता जताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। संतों ने कहा कि समाज में जागरूकता और एकता ही ऐसी चुनौतियों से निपटने का एकमात्र रास्ता है।
सम्मेलन के दौरान मंच से हिंदू समाज की एकता का संदेश दिया गया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सनातन संस्कृति, परंपरा और धार्मिक मूल्यों को दर्शाया गया, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।
महंत राजूदास महाराज, अयोध्या हनुमानगढ़ी
“अगर हिंदू समाज एकजुट नहीं हुआ तो आने वाली पीढ़ी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। बच्चों को बचपन से ही धर्म, संस्कार और संस्कृति से जोड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है।”




