
अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने महत्वपूर्ण जीत दर्ज की है। फ्लोरिडा से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वहीं वर्जीनिया से सुहास सुब्रमण्यम ने दोबारा जीत हासिल कर प्रतिनिधि सभा में अपनी जगह बरकरार रखी। मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर भी फिर से निर्वाचित हुई हैं। इन नतीजों ने अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती भागीदारी को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
पिया डांडिया ने फ्लोरिडा में दर्ज की ऐतिहासिक जीत
पिया डांडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर को हराया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें 51.9 प्रतिशत वोट मिले। इस जीत के साथ वह फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी बन गई हैं।
राजस्थान मूल के एक प्रवासी भारतीय डॉक्टर की बेटी पिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ। राजनीति में आने से पहले वह शिक्षिका और स्कूल प्रिंसिपल रह चुकी हैं। उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाई की और व्हाइट हाउस फेलो के रूप में भी काम किया। इसके बाद वह टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल से जुड़ीं।
सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया से दोबारा जीता चुनाव
डेमोक्रेटिक पार्टी के सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत दर्ज की। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव टी. बेकविथ को हराया। चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, सुहास को 63.16 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को 34.66 प्रतिशत मत हासिल हुए।
सुहास का जन्म 1979 में वर्जीनिया में हुआ था। उनके माता-पिता भारतीय मूल के हैं। उनकी मां बेंगलुरु से हैं, जबकि पिता का संबंध चेन्नई और सिकंदराबाद से रहा है। राजनीति में आने से पहले वह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन में व्हाइट हाउस के टेक्नोलॉजी पॉलिसी एडवाइजर के रूप में काम कर चुके हैं। 2024 में पहली बार प्रतिनिधि सभा पहुंचे सुहास ने अब दूसरी बार जीत हासिल की है।
अरुणा मिलर ने भी बरकरार रखी अपनी सीट
मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने भी चुनाव में जीत हासिल की है। वह डेमोक्रेटिक गवर्नर वेस मूर के साथ चुनाव मैदान में थीं। दोनों ने दोबारा जीत दर्ज कर राज्य की सत्ता में अपनी जगह बरकरार रखी।
अरुणा मिलर भारतीय मूल की अमेरिकी नेता हैं। उनकी जीत को अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की मौजूदगी के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
विवेक रामास्वामी को मिली हार
इन चुनावों में भारतीय मूल के सभी उम्मीदवारों को सफलता नहीं मिली। रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी ओहायो के गवर्नर पद का चुनाव डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से हार गए। रामास्वामी को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था। वहीं एमी एक्टन ओहायो की पहली निर्वाचित महिला गवर्नर बनी हैं।
रो खन्ना और अमी बेरा के नतीजों पर भी नजर
भारतीय मूल के कई अन्य अमेरिकी नेता भी चुनाव मैदान में हैं। इनमें कैलिफोर्निया से रो खन्ना, अमी बेरा और वॉशिंगटन से प्रमिला जयपाल जैसे डेमोक्रेटिक नेताओं के नाम शामिल हैं। इनके चुनावी नतीजों को लेकर मतगणना के दौरान अपडेट सामने आ रहे हैं।

अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती भूमिका
2026 के मिडटर्म चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों की जीत केवल व्यक्तिगत राजनीतिक सफलता नहीं है, बल्कि अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी को भी दर्शाती है। इन चुनावों के नतीजे अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों की ताकत को प्रभावित करेंगे। साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के अगले दो वर्षों की नीतियों पर भी इनका असर पड़ सकता है।




