
उरई में अब दबंगई और अवैध कब्ज़े का खेल नहीं चलेगा। सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा जमाए बैठे लोगों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अतिक्रमण हटाओ अभियान को तेज कर दिया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के स्पष्ट निर्देश हैं कि नोटिस के बावजूद जो लोग सरकारी ज़मीन खाली नहीं करेंगे, उनके खिलाफ बिना किसी रियायत के सीधी कार्रवाई की जाएगी।
उरई शहर में आज प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। यह कार्रवाई अंबेडकर चौराहे से लेकर मंसापूर्ण मंदिर तक की गई, जहां वर्षों से सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से दुकानें, ठेले और पक्के निर्माण कर कब्ज़ा किया गया था। जिला प्रशासन द्वारा पहले ही संबंधित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन चेतावनी के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो आज प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जेसीबी मशीन से कार्रवाई शुरू कर दी।
कुछ ही मिनटों में अवैध कब्ज़े और दबंगई का प्रतीक बने निर्माण मलबे में तब्दील हो गए। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट, नगर पालिका की टीम और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति से निपटा जा सके। कार्रवाई के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यह अभियान किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में भी शहर के अन्य इलाकों में इसी तरह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य उरई शहर को जाम मुक्त, अतिक्रमण मुक्त और सुव्यवस्थित बनाना है, ताकि आम जनता को यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं में किसी तरह की परेशानी न हो।
इस सख्त कार्रवाई के बाद अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम नागरिकों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है। जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्ज़ा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




