
खबर उन्नाव से है, जहां सदर कोतवाली क्षेत्र की ईदगाह कॉलोनी में जमीन कब्जे को लेकर सोमवार को जमकर बवाल हो गया। आरोप है कि भू-माफिया ने सरकारी अवकाश का फायदा उठाकर कई प्लॉटों पर कब्जा करने की कोशिश की। विरोध करने पहुंचे प्लॉट मालिकों और उनके परिजनों पर कथित तौर पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए भेजा गया और फिर वे न्याय की मांग को लेकर कोतवाली पहुंच गए।
जनपद उन्नाव के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित ईदगाह कॉलोनी में जमीन कब्जे का विवाद हिंसक रूप ले बैठा। पीड़ित प्लॉट मालिकों विमला, कंचन देवी, कामिनी, गौरव कश्यप और धर्मेंद्र का आरोप है कि उनकी जमीन पर लंबे समय से कुछ लोगों की नजर थी।
पीड़ितों के अनुसार, सोमवार को सरकारी कार्यालयों में अवकाश होने का लाभ उठाते हुए कथित भू-माफिया अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और प्लॉट पर जबरन कब्जा करने का प्रयास करने लगे। इसकी सूचना मिलते ही प्लॉट मालिक और उनके परिजन मौके पर पहुंचे और विरोध जताया।
विरोध के दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि कब्जा करने आए लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए।
घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद पीड़ित पक्ष न्याय की मांग को लेकर सदर कोतवाली पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पूर्व में भी इस मामले को लेकर प्रशासन से शिकायत की थी। उनका दावा है कि उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में एडीएम, एसडीएम सदर और सदर विधायक पंकज गुप्ता से मिलकर गुहार लगाई थी, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए।
इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। जानकारी मिलने के बाद जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है। जमीन कब्जे को लेकर हुए इस हिंसक विवाद ने एक बार फिर प्रशासनिक कार्रवाई और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्ती के सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते, तो यह घटना टाली जा सकती थी।




