
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से इस वक्त एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आ रही है। बौद्ध धर्म की वैश्विक आस्था के प्रमुख केंद्र कुशीनगर में आज थाईलैंड की रानी चखून फ्रा श्री नाथा का भव्य आगमन हुआ। इस दौरान उनके साथ थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री बोर्नवॉर्नसाक भी मौजूद रहे। रानी के आगमन को लेकर कुशीनगर में खासा उत्साह देखने को मिला और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
थाईलैंड की रानी चखून फ्रा श्री नाथा ने कुशीनगर पहुंचकर भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने भगवान बुद्ध की लेटी हुई प्रतिमा पर पारंपरिक रूप से चीवर अर्पित किया, जो बौद्ध धर्म में गहरी श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। पूजा के दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक माहौल बना रहा और बौद्ध मंत्रोच्चार गूंजते रहे।
इसके बाद रानी तथागत बुद्ध के अंतिम संस्कार स्थल मुकुट बंधन चैत्य पहुंचीं, जहां उन्होंने विधिवत परिक्रमा कर पूजा-अर्चना की। इस विशेष पूजा में रानी के साथ थाईलैंड से आए बौद्ध अनुयायी और प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी शामिल हुए। सभी श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को स्मरण करते हुए शांति और विश्व कल्याण की कामना की।
रानी के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। यूपी पुलिस के साथ-साथ थाईलैंड की सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी भी तैनात रहे। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की निगरानी रही, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
थाईलैंड की रानी का यह दौरा भारत और थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कुशीनगर, जो भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली है, एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर श्रद्धा और आस्था का केंद्र बनकर उभरा है।
“थाईलैंड की रानी का कुशीनगर आगमन हमारे लिए गौरव की बात है। इससे बौद्ध धर्म से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी।”




