
जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स 2026 में उत्तर प्रदेश की तीरंदाज स्वाति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। स्वाति ने महिला व्यक्तिगत W1 तीरंदाजी स्पर्धा में रजत पदक जीता। उनकी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी और कहा कि उनकी सफलता युवाओं को सपने पूरे करने की प्रेरणा देगी।
मुख्यमंत्री योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि एशियन पैरा गेम्स-2026 में महिला W1 तीरंदाजी स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर उत्तर प्रदेश की बेटी स्वाति चौधरी को बहुत-बहुत बधाई। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि भारत के अनगिनत युवाओं को अपने सपने साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने संदेश में कहा, “हम सभी को आप पर गर्व है।”
फाइनल में चीन की खिलाड़ी से मुकाबला
22 अक्टूबर को खेले गए फाइनल में स्वाति का सामना चीन की सेन मेंगकान से हुआ। भारतीय तीरंदाज ने मजबूती से शुरुआत की और एक समय 4-2 की बढ़त बना ली। हालांकि, चीनी खिलाड़ी ने बाद के सेटों में वापसी की और मुकाबला 6-4 से जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। स्वाति को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। करीबी मुकाबले के बावजूद फाइनल तक पहुंचना भारत के लिए इस स्पर्धा में महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
स्वाति का यह पदक एशियन पैरा गेम्स में महिला W1 व्यक्तिगत तीरंदाजी वर्ग में भारत का पहला पदक है। उनकी उपलब्धि ने पैरा तीरंदाजी में देश की मौजूदगी को और मजबूत किया है।
क्वालिफिकेशन में बनाया एशियाई रिकॉर्ड
फाइनल से पहले स्वाति ने क्वालिफिकेशन राउंड में भी दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने महिला W1 रैंकिंग राउंड में 648 अंक हासिल कर एशियाई रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले इस स्पर्धा का रिकॉर्ड 627 अंक था, जो चीन की मिनयी चेन के नाम था। इस प्रदर्शन के साथ स्वाति ने फाइनल में जगह बनाई और पदक की दावेदार के रूप में अपनी क्षमता दिखाई।
मेरठ में लेती हैं तीरंदाजी का प्रशिक्षण
स्वाति चौधरी मेरठ की गुरुकुल आर्चरी एकेडमी में प्रशिक्षण लेती हैं। उन्हें एथेंस ओलंपियन और कोच सत्यदेव प्रसाद मार्गदर्शन देते हैं। प्रतियोगिता में क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड बनाना और फिर फाइनल तक पहुंचना उनकी तकनीक, नियमित अभ्यास और मानसिक मजबूती को दर्शाता है।
स्वाति की खेल यात्रा आसान नहीं रही। एशियन पैरालंपिक कमेटी के अनुसार, 2017 में बेटी को जन्म देने के बाद उन्हें गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का सामना करना पड़ा और वह पांच साल तक बिस्तर पर रहीं। बाद में उन्होंने तीरंदाजी अपनाई और 2023 से इस खेल का प्रशिक्षण शुरू किया। इस पृष्ठभूमि में अंतरराष्ट्रीय मंच पर पदक जीतना उनके संघर्ष और वापसी की कहानी को खास बनाता है।

यूपी में खिलाड़ियों को प्रोत्साहन पर जोर
मुख्यमंत्री योगी ने स्वाति के साथ डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीतने वाली सुवर्णा राज और पैरा बैडमिंटन में कांस्य पदक हासिल करने वाले सुहास एल यतिराज को भी शुभकामनाएं दीं। राज्य में खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण और पुरस्कारों के जरिए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की कोशिश की जा रही है। लखनऊ, गोरखपुर, सैफई, फतेहपुर और सहारनपुर में खेल कॉलेज संचालित हैं, जबकि मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय भी प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराता है। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
स्वाति का रजत पदक उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। क्वालिफिकेशन में एशियाई रिकॉर्ड और फाइनल तक के सफर ने उनकी मेहनत को रेखांकित किया। उनकी सफलता युवा खिलाड़ियों, विशेषकर पैरा खिलाड़ियों, के लिए प्रेरणा बन सकती है।




