
कन्नौज जिले से एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां समाजवादी पार्टी (सपा) ने एसआईआर अभियान के संचालन को लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

समाजवादी पार्टी का दावा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्य में घोर लापरवाही बरती जा रही है। आरोप है कि इस अभियान में प्रशिक्षित अधिकारियों के बजाय नगर पालिका के सफाई कर्मियों को तैनात किया गया है। सपा ने इसे भाजपा का “बहुत बड़ा घपला” करार दिया है।
घटना तब उजागर हुई जब सपा नेता हसीब हसन ने कन्नौज के बूथ संख्या 302 और 303 का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि एसआईआर अभियान के तहत मतदाताओं के सत्यापन और सूची में नाम जोड़ने-काटने का काम प्रशिक्षित बीएलओ (BLO) या शिक्षकों के बजाय नगर पालिका के सफाई कर्मी कर रहे थे। हसीब हसन ने आरोप लगाया कि इन कर्मियों को न तो किसी प्रशिक्षण दिया गया है और न ही उन्हें नियमों की जानकारी है। बिना प्रशिक्षण ऐसे संवेदनशील कार्य कराना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि यह लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने जैसा है।
इस खुलासे के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस मामले को गंभीरता से उठाया। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए इसे महज लापरवाही नहीं बल्कि सुनियोजित घपला बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा प्रशासन का दुरुपयोग कर मतदाता सूची में हेराफेरी की कोशिश कर रही है। चूंकि कन्नौज उनका संसदीय क्षेत्र है, उन्होंने इस मुद्दे को विशेष महत्व दिया और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की मांग की।
सपा का कहना है कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है। लेकिन, यदि जमीनी स्तर पर ऐसे अप्रशिक्षित लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी, तो मतदाता सूची में विसंगतियां होना तय है। सपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने प्रशिक्षित कर्मियों को तुरंत तैनात नहीं किया और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करेगी।
इस खुलासे के बाद स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारी फिलहाल स्थिति पर नियंत्रण पाने और जांच में जुटे हैं, जबकि सपा इस मुद्दे को लगातार उजागर कर रही है।




