
उत्तर प्रदेश में शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुट गई है। इसी कड़ी में पार्टी के मुख्य समन्वयक, एनडीए गठबंधन एवं चुनाव प्रभारी डॉक्टर अभिषेक वर्मा आज लखनऊ दौरे पर पहुंचे। जहां उन्होंने पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक कर आगामी पंचायत चुनावों को लेकर रणनीति पर मंथन किया। बैठक में संगठन को बूथ से लेकर जिला स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
लखनऊ पहुंचे शिवसेना के वरिष्ठ नेता डॉक्टर अभिषेक वर्मा ने पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आगामी पंचायत चुनावों में जी-जान से जुटने का आह्वान किया।
डॉ. वर्मा ने कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी की मौजूदगी और प्रभाव दोनों बढ़ सकें।
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉक्टर अभिषेक वर्मा ने कहा कि शिवसेना उत्तर प्रदेश में पूरी मजबूती के साथ एनडीए गठबंधन के तहत चुनाव लड़ेगी। उन्होंने बताया कि पार्टी पंचायत चुनाव में अपनी सीटों की मांग करेगी और चुनावी प्रक्रिया में युवाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिवसेना युवाओं को आगे लाकर प्रदेश की राजनीति में एक नया विकल्प प्रस्तुत करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत लगातार बड़ी संख्या में युवा पार्टी से जुड़ रहे हैं।
लखनऊ दौरे के दौरान डॉक्टर अभिषेक वर्मा ने पूर्वांचल के कद्दावर नेता और पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह से भी मुलाकात की। इस मुलाकात को उत्तर प्रदेश की राजनीति में अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शिवसेना यूपी में बड़े और प्रभावशाली नेताओं को पार्टी से जोड़कर अपनी ताकत का प्रदर्शन करना चाहती है।
डॉक्टर अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में शिवसेना लगातार प्रदेश में अपना विस्तार कर रही है। कई क्षेत्रीय दल भी गठबंधन को लेकर शिवसेना के संपर्क में बताए जा रहे हैं। हिंदुत्व और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े दलों के साथ जल्द ही नए गठबंधनों का ऐलान किए जाने की संभावना है।
“शिवसेना उत्तर प्रदेश में पूरी मजबूती के साथ एनडीए गठबंधन का हिस्सा बनकर चुनाव लड़ेगी। पंचायत चुनाव में हम अपनी सीटों की मांग करेंगे और संगठन में युवाओं को 50 प्रतिशत भागीदारी दी जाएगी। 2027 में एनडीए के साथ मिलकर भाजपा की सरकार बनाने में शिवसेना की अहम भूमिका होगी।”




