
नई दिल्ली: अगर आप सितंबर के आखिरी सप्ताह या अक्टूबर की शुरुआत में ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय रेलवे ने बिहार के मोकामा के पास गंगा नदी पर बने नए डबल लाइन रेल पुल को चालू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए रेलवे 21 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक नॉन-इंटरलॉकिंग (Non-Interlocking) का बड़ा तकनीकी कार्य करेगा। इस वजह से देश के सबसे व्यस्त दिल्ली-हावड़ा रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों का संचालन व्यापक रूप से प्रभावित रहेगा।

रेलवे के अनुसार इस अवधि में कुल 845 ट्रेन सेवाओं पर असर पड़ेगा। इनमें 338 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, 384 ट्रेनों का रूट बदला जाएगा, 56 ट्रेनें बीच रास्ते में ही समाप्त (Short Terminate) कर दी जाएंगी, जबकि 67 ट्रेनें अपने निर्धारित शुरुआती स्टेशन से पहले ही चलेंगी (Short Originate)। ऐसे में यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांचने की सलाह दी गई है।
क्यों किया जा रहा है यह बड़ा बदलाव?
पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक मोकामा के पास गंगा नदी पर तैयार नए डबल लाइन रेल पुल को मौजूदा रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए यह विशेष तकनीकी कार्य किया जा रहा है। इस दौरान Upper Hathidah Junction, Tal Junction, Rampur Dumra, Dinkar Gram Simaria और Barauni Junction सहित कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ट्रैक और सिग्नलिंग सिस्टम में बदलाव किए जाएंगे। यह कार्य 21 सितंबर से 4 अक्टूबर तक लगातार चलेगा, जिसके कारण रेल परिचालन में बड़े पैमाने पर बदलाव करना आवश्यक हो गया है।
1959 के पुराने पुल का मिलेगा विकल्प
मोकामा और बरौनी के बीच स्थित राजेंद्र रेल-सह-सड़क पुल वर्ष 1959 से देश की रेल सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस पुल पर केवल एक रेलवे लाइन होने के कारण वर्षों से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होती रही। तकनीकी कारणों से इस पुल को डबल लाइन में परिवर्तित करना संभव नहीं था। इसी समस्या को दूर करने के लिए रेलवे ने वर्ष 2015-16 के रेल बजट में लगभग 1,491.47 करोड़ रुपये की लागत से समानांतर नया डबल लाइन रेल पुल बनाने की मंजूरी दी थी।
अब यह पुल लगभग तैयार है और इसे मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ने की अंतिम प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
नए रेल पुल की प्रमुख विशेषताएं
- गंगा नदी पर लगभग 1.9 किलोमीटर लंबा मुख्य रेल पुल
- पुराने राजेंद्र पुल से लगभग 50 मीटर की दूरी पर निर्माण
- डबल रेलवे लाइन की सुविधा
- करीब 14 किलोमीटर लंबी एप्रोच लाइन
- 9 छोटे पुल (Minor Bridges)
- 2 रोड ओवर ब्रिज (ROB)
- 3 रेल ओवर रेल संरचनाएं (Rail Over Rail)
रेलवे का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी, ट्रैफिक जाम कम होगा और भविष्य में यात्रियों को अधिक सुविधाजनक एवं तेज रेल सेवा मिलेगी।
338 ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह रद्द
रेलवे ने 20 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों में 338 ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। इनमें एक्सप्रेस, मेल, सुपरफास्ट, इंटरसिटी और पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा कई ट्रेनों के संचालन के दिनों में भी बदलाव किया गया है।
सबसे अधिक प्रभावित होने वाली प्रमुख ट्रेनें
- Howrah–Mokama Express
- Mokama–Howrah Express
- Howrah–Jaynagar Express
- Jaynagar–Howrah Express
- Kolkata–Sitamarhi Express
- Sealdah–Jaynagar Express
- Jaynagar–Sealdah Express
- Saharsa–Rajendra Nagar Express
- Rajendra Nagar–Saharsa Express
- Malda Town–Patna Express
- Patna–Malda Town Express
- Bhagalpur–Muzaffarpur Express
- Muzaffarpur–Bhagalpur Express
- Darbhanga–Howrah Express
- Howrah–Darbhanga Express
- Ranchi–Gorakhpur Express
- Gorakhpur–Ranchi Express
- Puri–Patna Express
- Patna–Puri Express
- Kiul–Patna Passenger
- Patna–Kiul Passenger
- Mokama–Kiul Passenger
इनके अलावा अलग-अलग तिथियों में कई स्पेशल, मेमू, पैसेंजर और लंबी दूरी की अन्य ट्रेनें भी रद्द या परिवर्तित मार्ग से संचालित की जाएंगी।
500 से ज्यादा ट्रेन सेवाओं के रूट और संचालन में बदलाव
रेलवे ने केवल ट्रेनों को रद्द ही नहीं किया है, बल्कि बड़ी संख्या में ट्रेनों के संचालन में भी बदलाव किया है। 384 ट्रेनों का रूट बदला जाएगा, जिससे कई ट्रेनें अपने सामान्य मार्ग की बजाय वैकल्पिक रूट से चलेंगी। वहीं 56 ट्रेनें अपने अंतिम स्टेशन तक नहीं पहुंचेंगी, जबकि 67 ट्रेनें अपने निर्धारित शुरुआती स्टेशन से पहले ही रवाना की जाएंगी।
इस दौरान यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा समय, बदले हुए स्टॉपेज और परिवर्तित मार्ग का सामना करना पड़ सकता है।
यात्रियों के लिए रेलवे की महत्वपूर्ण सलाह
भारतीय रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें। यदि आपकी यात्रा 20 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 के बीच है तो ट्रेन नंबर, प्रस्थान समय, रूट और प्लेटफॉर्म संबंधी जानकारी पहले ही सुनिश्चित कर लें। कई ट्रेनों के समय और मार्ग में बदलाव किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनें अपने गंतव्य तक नहीं जाएंगी।
रेलवे का कहना है कि यह अस्थायी असुविधा भविष्य में बेहतर रेल सुविधा देने के लिए जरूरी है। नए डबल लाइन रेल पुल के चालू होने के बाद दिल्ली-हावड़ा रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी, परिचालन अधिक सुचारु होगा और यात्रियों को समय पर ट्रेन सेवा का लाभ मिलेगा।




