
नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। दोनों देशों की ओर से रातभर एक-दूसरे के ठिकानों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। इन हमलों में दोनों तरफ कई लोगों की मौत हुई है, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। रूस के सीमावर्ती इलाकों में यूक्रेन के ड्रोन हमलों से भारी नुकसान हुआ है, वहीं यूक्रेन के शहरों में रूसी मिसाइल हमलों से भी तबाही की खबर है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के बेलगोरोड क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में पांच लोगों की मौत हुई है। करीब दो दर्जन लोग घायल हुए हैं। घायलों में एक चार साल का बच्चा भी शामिल है। दूसरी ओर, यूक्रेन के खार्किव शहर में एक ऊंची इमारत वाले अपार्टमेंट ब्लॉक पर रूसी मिसाइलों से हमला किया गया, जिसमें दो लोगों की मौत और 13 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
इस तरह रातभर हुई इन घटनाओं में कम से कम सात लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा यूक्रेन के ब्लैक सी पोर्ट शहर ओडेसा में भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है।
बेलगोरोड में ड्रोन हमले से भारी नुकसान
रूस के सीमावर्ती क्षेत्र बेलगोरोड में यूक्रेन की ओर से किए गए ड्रोन हमलों का व्यापक असर देखने को मिला। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमलों और गिरते मलबे से कई आवासीय इमारतों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
अधिकारियों ने बताया कि करीब 29 अपार्टमेंट ब्लॉक और पांच निजी घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा प्रशासनिक इमारतों और कुछ व्यावसायिक परिसरों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
बेलगोरोड के अधिकारियों के मुताबिक, हमलों के बाद कई इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। हमले से प्रभावित लोगों को लेकर स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव गतिविधियां भी जारी हैं।
चार साल का बच्चा भी घायल
बेलगोरोड में हुए ड्रोन हमले में एक चार साल का बच्चा भी घायल हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर युद्ध के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में दोनों पक्ष लगातार सैन्य ठिकानों के साथ-साथ रणनीतिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े लक्ष्यों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि, इन हमलों का असर कई बार रिहायशी इलाकों तक पहुंच जाता है और आम लोगों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।
खार्किव में रूसी मिसाइलों से हमला
यूक्रेन के खार्किव शहर में भी रूसी हमले से भारी नुकसान की जानकारी सामने आई है। एक ऊंची इमारत वाले अपार्टमेंट ब्लॉक को रूसी मिसाइलों से निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।
इस हमले में दो लोगों की मौत हुई, जबकि 13 लोग घायल बताए गए हैं। हमले के बाद इमारत और आसपास के क्षेत्र में नुकसान की स्थिति सामने आई।
खार्किव लंबे समय से रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान प्रमुख निशाने पर रहा है। रूस की सीमा के करीब होने के कारण यह क्षेत्र लगातार सैन्य गतिविधियों और हमलों से प्रभावित होता रहा है।
ओडेसा पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले
यूक्रेन के ब्लैक सी पोर्ट शहर ओडेसा को भी रातभर हुए हमलों से राहत नहीं मिली। यहां दर्जनों मिसाइलों और ड्रोन के जरिए हमले किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इन हमलों में आठ लोगों के घायल होने की खबर है। ओडेसा यूक्रेन के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण शहर है। ब्लैक सी के किनारे स्थित होने के कारण युद्ध के दौरान इस शहर और इसके बंदरगाह क्षेत्र पर विशेष नजर रही है।
यूक्रेन के सामने पैट्रियट सिस्टम की कमी बड़ी चुनौती
रूस के लगातार मिसाइल हमलों के बीच यूक्रेन के सामने एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर चुनौती बनी हुई है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की लंबे समय से अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों से अतिरिक्त पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और उनके इंटरसेप्टर उपलब्ध कराने की मांग करते रहे हैं।
यूक्रेन का कहना है कि रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों से आम नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए मजबूत वायु रक्षा व्यवस्था जरूरी है।
पैट्रियट सिस्टम रूस की ओर से आने वाली कई तरह की मिसाइलों को रोकने में यूक्रेन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन इंटरसेप्टर की सीमित उपलब्धता के कारण यूक्रेन के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
रूस के अंदर भी लंबी दूरी के ड्रोन हमले
दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के अंदर भी लंबी दूरी के ड्रोन हमलों को तेज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के ऊर्जा ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।
इन हमलों का असर रूस के ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र पर भी पड़ने की बात कही जा रही है। रूस के अंदर रणनीतिक ठिकानों पर यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी दबाव बढ़ा है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 153 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। रूस की ओर से किए गए इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रूस में ईंधन संकट को लेकर चिंता
यूक्रेन की ओर से रूस के ऊर्जा ढांचे और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर किए जा रहे ड्रोन हमलों के बीच रूस में ईंधन आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
रूस के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमलों का उद्देश्य यूक्रेन की ओर से रूस की युद्ध क्षमता और लॉजिस्टिक सप्लाई को प्रभावित करना माना जा रहा है। हालांकि, इन हमलों के वास्तविक आर्थिक प्रभाव का आकलन अलग-अलग रिपोर्टों के आधार पर किया जा रहा है।
नोवोरोस्सिय्स्क में भी मलबा गिरने की खबर
रूस के अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन हमलों के दौरान गिरा मलबा नोवोरोस्सिय्स्क में दो कंपनियों और एक निजी घर पर भी गिरा। इस घटना में एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा दो निजी घरों को नुकसान पहुंचने और एक अपार्टमेंट ब्लॉक की खिड़की टूटने की बात भी अधिकारियों ने कही है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में बढ़ रहा ड्रोन का इस्तेमाल
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में ड्रोन अब सबसे महत्वपूर्ण हथियारों में शामिल हो चुके हैं। दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, ऊर्जा ढांचे, ईंधन डिपो और अन्य रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाने के लिए बड़े पैमाने पर ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
रूस जहां यूक्रेन के शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए दबाव बनाए हुए है, वहीं यूक्रेन भी लंबी दूरी के ड्रोन के जरिए रूस के अंदर रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहा है।
आम नागरिकों पर बढ़ रहा युद्ध का असर
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का सबसे गंभीर असर आम नागरिकों पर दिखाई दे रहा है। रिहायशी इलाकों में हमलों के कारण लोगों की जान जा रही है और बड़ी संख्या में लोग घायल हो रहे हैं। चार साल के बच्चे के घायल होने की घटना ने एक बार फिर युद्ध क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते मिसाइल और ड्रोन हमलों से यह संकेत मिलता है कि युद्ध अभी भी बेहद गंभीर चरण में है। एक तरफ रूस यूक्रेन के शहरों और बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखे हुए है, तो दूसरी तरफ यूक्रेन रूस के सीमावर्ती क्षेत्रों और रणनीतिक ठिकानों को ड्रोन से निशाना बना रहा है।
ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच हमलों का यह सिलसिला और तेज होता है या किसी कूटनीतिक पहल के जरिए तनाव कम करने की कोशिश होती है, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।




