
मुंबई: मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार रात से जारी मूसलाधार बारिश ने बुधवार सुबह तक महानगर की रफ्तार थाम दी। लगातार हुई तेज बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया, सड़क यातायात प्रभावित हुआ और उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाओं पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिला। हजारों दैनिक यात्रियों को देरी, भीड़ और परिवहन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

नगर निकाय के अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में मुंबई के विभिन्न हिस्सों में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आंकड़ों के मुताबिक, द्वीप शहर (आइलैंड सिटी) में औसतन 195 मिमी, पश्चिमी उपनगरों में 208 मिमी तथा पूर्वी उपनगरों में 167 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
निचले इलाकों में जलभराव, यातायात पर असर
रातभर हुई भारी बारिश के कारण अंधेरी सबवे, हिंदमाता, किंग्स सर्किल समेत कई निचले इलाकों में पानी भर गया। जलभराव के चलते प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो गई और कई स्थानों पर लंबा जाम देखने को मिला। सुबह दफ्तर और अन्य कार्यों के लिए निकलने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
भारी बारिश का सबसे अधिक असर मुंबई की उपनगरीय रेल सेवाओं पर पड़ा। कई स्थानों पर रेल पटरियों पर पानी भरने से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जलस्तर ट्रेन परिचालन रोकने के लिए निर्धारित खतरे के निशान से नीचे रहा।
मध्य रेलवे की ट्रांस-हार्बर लाइन पर स्थिति अधिक गंभीर रही। तुर्भे और कोपरखैरने स्टेशनों के बीच तेज जलप्रवाह के कारण रेल पटरी के नीचे की मिट्टी धंस गई, जिससे वाशी/पनवेल और ठाणे के बीच ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं।
मध्य रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार, सुरक्षा कारणों से ठाणे-वाशी खंड की अप लाइन को सुबह 5:06 बजे और डाउन लाइन को 5:50 बजे असुरक्षित घोषित कर परिचालन रोक दिया गया। बाद में मरम्मत कार्य के बाद अप लाइन को 7:27 बजे बहाल किया गया, जहां ट्रेनों की गति एहतियातन 10 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई। वहीं डाउन लाइन को 7:35 बजे सुरक्षित घोषित कर 30 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनों के संचालन की अनुमति दी गई।
रेल सेवाओं में आई इस बाधा के कारण कई स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली और अधिकांश ट्रेनों में देरी दर्ज की गई। हालांकि पश्चिम रेलवे की सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।
ठाणे और पालघर में भारी बारिश, मालशेज घाट में भूस्खलन
मुंबई के अलावा ठाणे और पालघर जिलों में भी पिछले 24 घंटों के दौरान भारी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण मालशेज घाट में भूस्खलन की घटना सामने आई, जबकि कई स्थानों पर पेड़ गिरने की शिकायतें भी मिलीं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और निगरानी कार्य तेज कर दिए हैं।
13 दिन की देरी से मुंबई पहुंचा मानसून
दक्षिण-पश्चिम मानसून इस वर्ष अपनी सामान्य आगमन तिथि से 13 दिन की देरी से मंगलवार को मुंबई पहुंचा। मानसून के आगमन के साथ ही शहर और उपनगरों में व्यापक बारिश हुई, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली, लेकिन तेज बारिश ने जनजीवन को भी प्रभावित कर दिया।
अगले 24 घंटे के लिए मौसम विभाग का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों के दौरान मुंबई और उसके उपनगरों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से आवश्यकता होने पर ही घरों से बाहर निकलने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने तथा मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
ऊंचे ज्वार को लेकर भी सतर्कता
बीएमसी के अनुसार, बुधवार सुबह 8:28 बजे समुद्र में 3.41 मीटर ऊंचा ज्वार दर्ज किया गया, जबकि शाम 7:41 बजे 3.35 मीटर ऊंचा ज्वार आने का अनुमान है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऊंचे ज्वार और लगातार बारिश के संयुक्त प्रभाव से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मुख्य बातें (Highlights)
- मुंबई में 24 घंटे में कई इलाकों में 200 मिमी से अधिक बारिश।
- अंधेरी सबवे, हिंदमाता और किंग्स सर्किल सहित कई निचले इलाके जलमग्न।
- मध्य रेलवे की ट्रांस-हार्बर लाइन प्रभावित, कई लोकल ट्रेनें देरी से चलीं।
- तुर्भे-कोपरखैरने के बीच रेल पटरी के नीचे मिट्टी धंसने से परिचालन बाधित।
- ठाणे और पालघर में भारी बारिश, मालशेज घाट में भूस्खलन।
- आईएमडी ने अगले 24 घंटे के लिए मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया।
- बीएमसी ने ऊंचे ज्वार और जलभराव को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की।




