
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र में तीन लोगों की हत्या के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के घर पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की टीम ने कार्रवाई करते हुए मकान को सील किया और सड़क की ओर बने अवैध निर्माण को बुलडोजर से ढहा दिया। कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।
अवैध निर्माण के खिलाफ LDA की कार्रवाई
मंगलवार शाम और रात को LDA की प्रवर्तन टीम अधिकारियों के साथ सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला पहुंची। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के मकान का स्वीकृत नक्शा उपलब्ध नहीं कराया गया था। इसके बाद संपत्ति को सील करने और सड़क की जमीन पर बने अवैध हिस्से को हटाने की कार्रवाई की गई।
प्रशासन की कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई थी। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण से संबंधित नियमों के उल्लंघन को लेकर कार्रवाई की गई है। यह कदम हत्या के मामले में पुलिस की जांच से अलग भवन निर्माण संबंधी कार्रवाई के तौर पर सामने आया है।
पार्किंग विवाद के बाद हुई थी तीन लोगों की हत्या
पुलिस के अनुसार, सआदतगंज थाना क्षेत्र के ब्राह्मणी टोला में सोमवार सुबह पार्किंग और खाली जमीन के इस्तेमाल को लेकर विवाद हुआ था। विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और गोलीबारी में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी, शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और सुयश तिवारी के रूप में हुई है।
घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और घटनाक्रम से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल की।
मुख्य आरोपी समेत छह लोग गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मंगलवार को पांच अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों में सतीश शुक्ला, गिरीश कुमार शुक्ला, दिनेश शुक्ला, प्रिया शुक्ला और अदिति शुक्ला शामिल हैं। इस तरह मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या छह हो गई है।
पुलिस ने ऋषभ के पास से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई देसी पिस्टल, कारतूस और मैगजीन बरामद करने की जानकारी दी है। मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों पर भी हुई कार्रवाई
हत्याकांड के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे। पुलिस आयुक्त ने सआदतगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार आर्य और कश्मीरी मोहल्ला चौकी प्रभारी अजय कुमार चौरसिया को निलंबित कर दिया। अधिकारियों के खिलाफ कथित लापरवाही के आरोपों की विभागीय जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
पीड़ित परिवार को मदद का आश्वासन
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय दिलाने और सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और मृतक की बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने का आश्वासन भी दिया गया। सरकार ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है।

इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी रही। हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव और लोगों के आक्रोश को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रशासन की कार्रवाई के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मकान के अवैध हिस्से को गिराने की कार्रवाई भवन निर्माण नियमों से संबंधित है, जबकि हत्या के मामले में दोष और सजा का फैसला अदालत में कानूनी प्रक्रिया के बाद होगा।
फिलहाल, लखनऊ ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस जांच, गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अवैध निर्माण पर LDA की कार्रवाई जारी है।




