
जालौन: लौना गौशाला में गायों की दुर्दशा, सरकारी निधि के उपयोग पर उठे सवाल

जालौन। रिपोर्ट – हरिमाधव मिश्र
जालौन जिले के ग्राम लौना की गौशाला से सामने आई तस्वीरों ने प्रशासन और सरकार के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौशाला में गायों की दुर्दशा और अव्यवस्थाओं के चलते अब स्थानीय ग्रामीण और गौ रक्षा दल के कार्यकर्ता मामले की सख्त जांच की मांग कर रहे हैं।
गायों की दुर्दशा और मृतकों की अनियमित दफन
स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं के अनुसार, गौशाला में गायों को सूखा भूसा खिलाकर अकेला छोड़ दिया गया है।
तस्वीरों में यह भी देखा गया कि कई मृत गायों को नियमों के विपरीत गोबर के ढेर में दबाया गया था।
गौ रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर मृत गायों के अवशेष गोबर के ढेर से निकलवाए और जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर उन्हें दफन कराया।
सरकारी धनराशि के उपयोग पर सवाल
स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि गौशाला के नाम पर मिलने वाली सरकारी निधि का वास्तविक उपयोग कहां हो रहा है।
वे मांग कर रहे हैं कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की जाए और सार्वजनिक रूप से यह बताया जाए कि गौशालाओं में आवंटित धन का सही उपयोग कैसे किया जा रहा है।
प्रशासन पर दबाव
यह मामला अब प्रशासन और स्थानीय सरकार के लिए चुनौती बन गया है।
स्थानीय अधिकारीयों से अपेक्षा है कि वे जल्द से जल्द स्थिति का निरीक्षण करें और गौशाला में गायों की उचित देखभाल सुनिश्चित करें।
गौशालाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अब सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी बन गया है।




