
बदायूं जनपद के बिसौली तहसील में तैनात एक लेखपाल को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जमीन का पट्टा कराने के नाम पर लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया है और सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
पूरा मामला बदायूं जनपद की बिसौली तहसील का है, जहां तैनात लेखपाल सतीश शर्मा पर जमीन का पट्टा कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप था। पीड़ित व्यक्ति ने लेखपाल द्वारा 5000 रुपये की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत एंटी करप्शन विभाग से की थी।
शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही लेखपाल सतीश शर्मा ने तय रकम के 5000 रुपये लिए, उसी दौरान एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रिश्वतखोर लेखपाल को गिरफ्तार करने के बाद एंटी करप्शन टीम उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सिविल लाइंस कोतवाली लेकर पहुंची, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
गौरतलब है कि शासन के कड़े निर्देशों और लगातार हो रही एंटी करप्शन की कार्रवाइयों के बावजूद भी कुछ सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे हैं। यह मामला एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोलता नजर आ रहा है।
फिलहाल एंटी करप्शन टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस तरह की अन्य शिकायतें भी लेखपाल के खिलाफ पहले से तो नहीं थीं। वहीं इस कार्रवाई के बाद तहसील और राजस्व विभाग के कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।




