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TB Awareness Campaign : कुशीनगर में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जोश टीम का शुभारंभ, जागरूकता और उपचार पर जोर

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समय पर जांच, नियमित उपचार और जनभागीदारी से टीबी मुक्त भारत बनाने पर जोर

कुशीनगर। देश को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को मजबूत करने के लिए कुशीनगर में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत ‘जोश टीम’ का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य जिले में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित मरीजों की समय पर पहचान करना और उन्हें जांच एवं निःशुल्क उपचार की सुविधा से जोड़ना है। कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार के प्रति जागरूक करने के साथ ही अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम के तहत नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम से आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम से जुड़कर कुशीनगर में भी टीबी उन्मूलन के प्रयासों को गति देने का संदेश दिया गया। इसके बाद उपस्थित जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों ने टीबी उन्मूलन की शपथ ली। सभी ने मिलकर जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।

टीबी के लक्षणों की पहचान पर रहेगा विशेष जोर

‘जोश टीम’ के माध्यम से जिले के लोगों को टीबी के शुरुआती लक्षणों के बारे में जानकारी दी जाएगी। लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहना, बलगम में खून आना, सीने में दर्द, बुखार, रात में पसीना आना और बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना टीबी के संभावित लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर लोगों को लापरवाही करने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टीबी के संभावित मरीज समय रहते स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचें। इसके लिए जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को बीमारी की गंभीरता, संक्रमण से बचाव और समय पर उपचार शुरू कराने के महत्व के बारे में बताया जाएगा।

निःशुल्क जांच और उपचार से जोड़ने की पहल

टीबी की पहचान होने के बाद मरीज का पूरा उपचार बेहद जरूरी है। बीच में दवा छोड़ने या अनियमित रूप से दवा लेने से बीमारी के उपचार में कठिनाई आ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान के अंतर्गत संभावित मरीजों को जांच के लिए प्रेरित करने और पुष्टि होने पर उन्हें स्वास्थ्य विभाग की उपलब्ध निःशुल्क उपचार सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित प्रयासों में समुदाय की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिवार के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों की मदद से टीबी से जुड़े भ्रम और सामाजिक झिझक को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मरीज बिना किसी डर या संकोच के अपना इलाज करा सकें।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में लिया गया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान कुशीनगर के जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), विधायक सहित जनपद के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति में टीबी उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने और लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही इसे सफल बनाया जा सकता है।

जनभागीदारी से साकार होगा टीबी मुक्त भारत का सपना

कुशीनगर में ‘जोश टीम’ की शुरुआत को टीबी उन्मूलन के प्रयासों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। समय पर जांच, निर्धारित अवधि तक पूरा इलाज, लक्षणों के प्रति जागरूकता और मरीजों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार इस अभियान की सफलता के प्रमुख आधार हैं।

संदेश स्पष्ट है—टीबी की पहचान में देरी न हो, मरीजों को समय पर उपचार मिले और समाज का हर व्यक्ति जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाए।

आइए, मिलकर संकल्प लें—

“टीबी हारेगा… कुशीनगर जीतेगा!”

टीबी मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा, जब जागरूकता बनेगी जनआंदोलन और जनभागीदारी बनेगी इसकी सबसे बड़ी ताकत।

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