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Auto News : सितंबर में ईवी बिक्री 74% बढ़ी, 3.33 लाख गाड़ियां बिकीं

भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड, सितंबर में 3.33 लाख EV की हुई बिक्री; टू-व्हीलर्स की मांग में 88% का उछाल

नई दिल्ली: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती लोकप्रियता का असर अब ऑटोमोबाइल बाजार के आंकड़ों में भी साफ दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों, कम परिचालन लागत और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। सितंबर 2026 में देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 74 प्रतिशत बढ़कर 3,33,364 यूनिट तक पहुंच गई। यह भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के लिए अब तक का सबसे बड़ा मासिक बिक्री आंकड़ा है।

ऑटोमोबाइल डीलरों के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (FADA) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 में देशभर में कुल 1,91,497 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई थी। इसके मुकाबले इस साल सितंबर में बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़े बताते हैं कि इलेक्ट्रिक वाहन अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी इनकी मांग लगातार बढ़ रही है।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बिक्री में सबसे ज्यादा तेजी

सितंबर महीने में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों ने बिक्री के मामले में शानदार प्रदर्शन किया। इस श्रेणी में कुल 2,07,314 यूनिट की बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 88 प्रतिशत अधिक है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 11.6 प्रतिशत पर पहुंच गई।

कम खर्च में रोजाना सफर करने की सुविधा, पेट्रोल की बचत और इलेक्ट्रिक स्कूटरों के बढ़ते विकल्प इसकी प्रमुख वजह माने जा रहे हैं। कंपनियों की ओर से नए मॉडल पेश किए जाने और अलग-अलग कीमतों में वाहन उपलब्ध होने से भी ग्राहकों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार विकल्प मिल रहे हैं।

इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री भी लगभग दोगुनी

इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में भी सितंबर के दौरान मजबूत वृद्धि देखने को मिली। इस महीने कुल 36,108 इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जबकि सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 18,559 यूनिट था। इस तरह इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री लगभग दोगुनी हो गई और इस श्रेणी ने अब तक का अपना सबसे ऊंचा मासिक स्तर दर्ज किया।

इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग के पीछे नए मॉडल, बेहतर सुविधाएं, कम रखरखाव खर्च और चार्जिंग सुविधाओं का धीरे-धीरे विस्तार अहम कारण हैं। हालांकि, वाहन की शुरुआती कीमत और चार्जिंग नेटवर्क अभी भी कई ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण पहलू बने हुए हैं।

कुल वाहन बिक्री में EV की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत

FADA के अध्यक्ष साई गिरिधर के मुताबिक, सितंबर में सभी श्रेणियों को मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री अब तक के सबसे ऊंचे मासिक स्तर पर पहुंच गई। कुल वाहन बिक्री में EV की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 13 प्रतिशत हो गई, जबकि एक साल पहले यह करीब 10 प्रतिशत थी।

उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन की मांग, कम परिचालन लागत, विभिन्न मॉडलों की उपलब्धता और सरकारी योजनाओं से मिल रहा नीतिगत समर्थन इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रहे हैं।

इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स की हिस्सेदारी 64.9 प्रतिशत

इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मजबूत स्थिति बनी हुई है। सितंबर में इस श्रेणी की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 64.9 प्रतिशत रही। दूसरी ओर, इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की बिक्री में मासिक आधार पर गिरावट दर्ज की गई, लेकिन सालाना आधार पर इसमें 150 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।

सरकारी योजनाओं और त्योहारी मांग से मिला सहारा

पीएम ई-ड्राइव योजना और विभिन्न राज्य सरकारों की नीतियों से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में मदद मिल रही है। इसके साथ ही त्योहारी खरीदारी ने भी सितंबर की बिक्री को गति दी। आने वाले महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग किस रफ्तार से बढ़ती है, यह वाहन की कीमतों, बैटरी तकनीक, चार्जिंग नेटवर्क और सरकारी प्रोत्साहनों पर निर्भर करेगा।

कुल मिलाकर, सितंबर 2026 के आंकड़े संकेत देते हैं कि भारत का ऑटोमोबाइल बाजार तेजी से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है। यदि चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार और किफायती मॉडलों की उपलब्धता इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की बाजार हिस्सेदारी में और इजाफा देखने को मिल सकता है।

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