
कुशीनगर — जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने टीकाकरण (वैक्सीनेशन) अभियान को पूरी मजबूती के साथ संचालित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि हर बच्चा और गर्भवती महिला इस अभियान का हिस्सा बने और कोई भी व्यक्ति इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम से वंचित न रह पाए।
डीएम की लोगों से अपील — ‘टीकाकरण ज़रूरी, सुरक्षा सबसे पहले’
जिलाधिकारी ने कहा कि टीकाकरण सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा—
“कृपया सुनिश्चित करें कि आपके क्षेत्र का कोई भी बच्चा और गर्भवती महिला बिना टीका लगाए न रह जाए। टीकाकरण ही बीमारियों से सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है।”
बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर विशेष फोकस
डीएम तंवर ने बताया कि जिले में चल रहे टीकाकरण अभियान के दौरान सभी गांवों और शहरी क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि—
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कोई बच्चा टीका लगने से ना छूटे
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कोई गर्भवती महिला एएनसी जांच और वैक्सीनेशन से वंचित न हो
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आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर जागरूकता फैलाएं
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माता-पिता को समय पर वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया जाए
स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट मोड पर
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार अभियान चलाकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं को टीके लगाने का काम कर रही हैं।
डीएम ने निर्देश दिए हैं कि—
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टीकाकरण केंद्रों पर सुविधाएं पूरी हों
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ग्रामीण इलाकों में मोबाइल टीमें सक्रिय रहें
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किसी भी गांव में टीकाकरण कम पाए जाने पर तत्काल समीक्षा की जाए
टीकाकरण से मजबूत होगी स्वास्थ्य व्यवस्था — डीएम
जिलाधिकारी ने कहा कि बीसीजी, डीपीटी, पोलियो, खसरा, रूबेला, टीटेनस समेत सभी महत्वपूर्ण टीके बच्चे को भविष्य की गंभीर बीमारियों से बचाते हैं।
उन्होंने कहा—
“सुरक्षित बच्चा ही सुरक्षित समाज की नींव है। टीकाकरण से न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य, बल्कि पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत होती है।”
जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार
डीएम ने जनसामान्य से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित समय पर बच्चों को टीके ज़रूर लगवाएँ।




