
कानपुर देहात में भूमाफियाओं पर गंभीर आरोप, राष्ट्रीय लोक अदालत में पीड़ित ने लगाई गुहार

कानपुर देहात, रनिया: कानपुर देहात जिले के रनिया थाना क्षेत्र के विसायकपुर में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप भूमि mafias पर लगाया गया है। पीड़ित अमरीश प्रताप सिंह ने इस संबंध में राष्ट्रीय लोक अदालत में अपर जिला जज से न्याय की गुहार लगाई है।
घटना का विवरण:
विसायकपुर निवासी अमरीश प्रताप सिंह, जो स्व. इंद्रप्रकाश सिंह के पुत्र हैं, ने आरोप लगाया कि वह अपनी पुश्तैनी जमीन के वैध मालिक हैं। उनकी जमीन से संबंधित मामला वर्तमान में सिविल न्यायालय में विचाराधीन है। बावजूद इसके, स्थानीय भूमाफिया लक्ष्मीकांत अग्रवाल और देव राज सिंह कथित तौर पर जबरन इस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
पीड़ित के अनुसार, 15 नवंबर 2025 को देव राज सिंह अपने साथियों के साथ हथियारों से लैस होकर उनकी जमीन पर पहुंचे और जेसीबी से जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित ने यह घटना 112 नंबर पर सूचित की, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पहले की घटनाएँ:
अमरीश प्रताप सिंह ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। 5 जुलाई 2024 को भी देव राज सिंह ने हथियारों के बल पर उन्हें धमकी दी थी। उस समय की वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध है। इसके अलावा, 25 सितंबर 2024 को जब अमरीश घर पर नहीं थे और घर की देखरेख उनके कर्मचारी बल्लू त्रिवेदी, पत्नी और बेटे को सौंपी गई थी, तब आरोपी अपने साथियों के साथ उनके घर में घुस आए। उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और मकान का ताला तोड़कर नकदी व जमीन से संबंधित दस्तावेज लूट लिए। इस घटना के बाद भी शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
मजदूरों पर अन्य आरोप:
भूमाफिया लक्ष्मीकांत अग्रवाल पर मजदूरों के साथ भी गंभीर दुर्व्यवहार का आरोप है। मजदूर हर्षित त्रिवेदी ने बताया कि उन्हें 8-9 साल से मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। जब मजदूर अपनी मेहनत की राशि मांगते हैं, तो उन्हें जान से मारने, हाथ-पैर तोड़ने की धमकी देकर भगा दिया जाता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में शिकायत
अमरीश प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत में अपर जिला जज के समक्ष पूरे मामले की जांच कराने, अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे, लेकिन वर्तमान में उन्हें और उनके परिवार को गंभीर जान का खतरा है।
यह मामला अब प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वकील हिमांशु कुमार ने कहा कि पीड़ित की सुरक्षा और जमीन पर वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने के लिए सभी कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, स्थानीय पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की बात कही है।
पीड़ित के बयान
अमरीश प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मेरी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश और परिवार के साथ हिंसा असहनीय है। हम न्याय की उम्मीद रखते हैं और राष्ट्रीय लोक अदालत में न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।”
मजदूरों का दर्द
मजदूर हर्षित त्रिवेदी ने कहा कि कई सालों से उनका मेहनताना बकाया है और उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकार सुनिश्चित किए जाने चाहिए।
कानपुर देहात के रनिया क्षेत्र में भूमि विवाद और भूमाफियाओं द्वारा की गई हिंसा ने प्रशासन और न्यायिक संस्थाओं के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। राष्ट्रीय लोक अदालत में दर्ज की गई शिकायत और पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब प्राथमिकता बन गया है। यह मामला यह दर्शाता है कि भूमि विवाद केवल संपत्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और अधिकारों का भी गंभीर प्रश्न है।
-
पीड़ित: अमरीश प्रताप सिंह
-
मजदूर: हर्षित त्रिवेदी
-
कानूनी प्रतिनिधि: हिमांशु कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अपर जिला जज




